भविष्य की जल योजनाओं का बनेगा मजबूत आधार, रुद्रपुर में सातवीं लघु सिंचाई संगणना को लेकर प्रशिक्षण आयोजित

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रुद्रपुर – भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा संचालित सातवीं लघु सिंचाई संगणना, द्वितीय जल निकाय संगणना एवं प्रथम स्प्रिंग संगणना के सफल, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर शुक्रवार को विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय उप-समिति की बैठक एवं एक दिवसीय प्रशिक्षण/कार्यशाला आयोजित की गई। यह आयोजन जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देशन में सम्पन्न हुआ।

कार्यशाला का शुभारम्भ प्रभागीय वनाधिकारी यूसी तिवारी, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. वीके यादव, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई सुशील कुमार एवं अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत जीके भट्ट द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। बैठक के दौरान संगणना कार्यों की प्रगति, कार्ययोजना, फील्ड स्तर पर क्रियान्वयन की रणनीति तथा विभागीय समन्वय से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

इस अवसर पर अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई ने जानकारी दी कि सातवीं लघु सिंचाई, द्वितीय जल निकाय एवं प्रथम स्प्रिंग संगणना जनपद के जल संसाधनों के समग्र विकास, संरक्षण एवं पुनर्जीवन की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है।

संगणना से प्राप्त आंकड़े भविष्य की जल प्रबंधन एवं सिंचाई योजनाओं के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेंगे। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से संगणना कार्य को गंभीरता, पारदर्शिता एवं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने का अनुरोध किया।

सभी विभागों द्वारा आपसी समन्वय बनाए रखते हुए संगणना कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने तथा फील्ड स्तर पर आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान किए जाने का आश्वासन दिया गया। वहीं प्रभागीय वनाधिकारी ने स्प्रिंग संगणना के तहत वन क्षेत्रों में स्थित जलस्रोतों, धाराओं एवं नौलों की गणना में वन विभाग द्वारा पूर्ण सहयोग प्रदान करने की बात कही।

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बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि ये संगणनाएँ जनपद के जल संसाधनों के वैज्ञानिक आकलन, संरक्षण, पुनर्जीवन एवं दीर्घकालिक जल प्रबंधन योजनाओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी। प्राप्त आंकड़े नीति निर्माण, सिंचाई परियोजनाओं की योजना, जल निकायों के संरक्षण तथा स्प्रिंग शेड प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान लघु सिंचाई संगणना के ट्रेनर राहुल शर्मा ने भारत सरकार द्वारा विकसित मोबाइल एप आधारित डिजिटल डाटा संग्रहण प्रणाली के माध्यम से संगणना कार्य किए जाने पर जोर दिया।

उन्होंने बताया कि पूर्णतः डिजिटल माध्यम से डाटा संग्रहण से आंकड़ों की सटीकता, पारदर्शिता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकेगी। साथ ही गणनाकर्मियों को समय पर प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।

कार्यशाला में जिला पंचायतराज अधिकारी विद्या सिंह सोमनाल, अधिशासी अभियंता जल निगम सुनील जोशी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी नफील जमील सहित संबंधित विभागों के सहायक एवं अवर अभियंता उपस्थित रहे।


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