ईदगाह, मदरसा स्कूल के खेल मैदान को बचाने की मुहिम धर्म मजहब के नाम राजनीतिक करने वाले के खिलाफ खोला मोर्चा

ख़बर शेयर करे -

विभिन्न समुदायों के जनप्रतिनिधियों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

रुद्रपुर – (एम सलीम खान संवाददाता) ईदगाह बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले विभिन्न सामाजिक संगठनों, मजदूर संगठनों,ट्रेड यूनियनों के कार्यकर्ताओं व सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा खेड़ा बस्ती रुद्रपुर में स्थित ईदगाह, मदरसा व स्कूल के बच्चों के खेल के मैदान,

कब्रिस्तान , करबला आदि संस्थाओं की भूमि पर नगर निगम प्रशासन द्वारा जबरदस्ती किये कब्जे को तत्काल खत्म करके उक्त जमीन को उपरोक्त पक्षकारों को पुनः हस्तांतरित और निशुल्क आवंटित किये जाने की मांग करते हुए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया व जिलाधिकारी ऊधम सिंह नगर को ज्ञापन प्रेषित किया।

जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में अपर जिलाधिकारी (राजस्व) को ज्ञापन सौंपा गया जिसकी प्रतियां अध्यक्ष राष्ट्रीय व राज्य अल्पसंख्यक आयोग, अध्यक्ष राष्ट्रीय व राज्य मानवाधिकार आयोग, अध्यक्ष राष्ट्रीय व राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग व महापौर (मेयर)व नगर आयुक्त नगर निगम रुद्रपुर को भी प्रेषित की गई।

वक्ताओं ने बाताया कि रुद्रपुर शहर के खेड़ा बस्ती में स्थित मुस्लिम समाज के धार्मिक स्थल मस्जिद, ईदगाह, कब्रिस्तान की भूमि जो कि वर्षों/दशकों से मुस्लिम समुदाय द्वारा धार्मिक- सामाजिक कार्यक्रमों हेतु उपयोग में लाई जा रही है एवं स्कूल के बच्चों के खेल के मैदान के लिए इस्तेमाल हो रही थी को हाल ही में स्थानीय नगर निगम प्रशासन द्वारा अतिक्रमण की श्रेणी में दर्शाते हुए अपने कब्ज़े में ले लिया गया है।

उक्त भूमि का उपयोग मुस्लिम समाज द्वारा लंबे समय से शांतिपूर्ण, सार्वजनिक एवं विधिसम्मत रूप से किया जाता रहा है। यह भूमि धार्मिक प्रकृति के कार्यक्रमों, शादी ब्याह के लिए इस्तेमाल की रही है तथा संविधान के अनुच्छेद 25 एवं 26 के अंतर्गत प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता एवं परंपरागत अधिकारों से सीधे रूप से जुड़ी हुई है।

See also  चेन स्नेचिंग की वारदात को अंजाम देकर भाग रहे बदमाश पुलिस मुठभेड़ के बाद किया गिरफ्तार

ईदगाह एवं कब्रिस्तान जैसी धार्मिक भूमि को इस प्रकार हस्तगत किया जाना स्थानीय नागरिकों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है तथा इससे सामाजिक सौहार्द एवं शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हो रही है। यह भी उल्लेखनीय है कि उक्त भूमि का किसी प्रकार का अवैध, व्यावसायिक अथवा सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करने वाला उपयोग नहीं किया जा रहा था।

उक्त जमीन में वर्ष भर में कई बड़े धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन के साथ-साथ सामूहिक रूप से नमाज़ अदा की जाती रही है जिसमें करीब 20 -25 हजार लोगों की भागीदारी रहती है। उक्त जमीन के नहीं रहने से इन धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करने में बाधा उत्पन्न होगा। पूर्व में नगरपालिका द्वारा बनाये बरात घर को भी कब्जे में ले लिया गया है। मस्जिद में आने वाले लोगों के लिए बनाये गये शौचालयों को भी प्रशासन द्वारा सील कर दिया।

कब्रिस्तान में शवों को दफनाने के लिए खाली जगह नही होने से मृतकों का अंतिम संस्कार करने में कठिनाईयां आ रही है। रेशमबाड़ी व पहाडग़ंज से नमाज व शव दफनाने हेतु रास्ता बंद करने से लंबे रास्ते से आने में परेशानी उत्पन्न हो गई है। खेल के मैदान न होने से बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास में बाधा उत्पन्न हो गई है।

मुस्लिम समाज के धार्मिक कार्यक्रमों व शवों को दफनाने के लिए जगह नही होने से आने वाले समय में प्रशासन के लिए भी समस्या पैदा होगी। यह भी मांग की गई कि उपरोक्त समस्याओं के प्रति मानवीय व सहानुभूति रुख रखने के स्थान पर कुछ सांप्रदायिक तत्वों द्वारा उकसावेपूर्ण बयान देकर सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने का काम किया जा रहा है। जिला प्रशासन को तत्काल ऐसे तत्वों पर रोक लगानी चाहिए।

See also  मैदानी क्षेत्रों लंबे समय से कोतवाली, थानों और चौकियों में जमे पुलिस निरीक्षक और कर्मचारियों को पहाड़ चढ़ाने की कवायद शुरू

ज्ञापन देने के कार्यक्रम में क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के शिवदेव सिंह, सेन्टर फार स्ट्रगलिंग यूनियंस के मुकुल, इंकलाबी मजदूर केन्द्र के कैलाश, प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र की रविन्दर कौर, डालफिन मजदूर संगठन की सुनीता, एक्टू की अनीता अन्ना, सी पी आई एम एल के ललित मटियाली,सुरेंद्र सिंह मजदूर अधिकार संघर्ष अभियान के गोविन्द,

गायत्री परिवार के उपेन्द्र राय, काकोरी शहीद यादगार कमेटी के दिनेश चन्द्र,फिरोज खान, इन्टरार्क मजदूर संगठन के सौरभ, एरा श्रमिक संगठन के भरत जोशी, यजाकि वर्कर यूनियन के महावीर सिंह, मूल निवासी संगठन के अमर सिंह, समता सैनिक दल के गोपाल सिंह गौतम, पार्षद परवेज कुरेशी,

पार्षद अशफाक, डाक्टर शाहीद रजा, साजिद खान, अजीज खान, उमर अली, हाजी मैहफूज खां, फईम, शानू, अमीर,शौकत अली, राशिद,मुख्तार अहमद, मो अली,मो फैजान,जयदेव घोष, समीर,नाज़िम,इरफान अली,राशिद, अनवर,मज़हर रिजवी, सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भागीदारी की।


ख़बर शेयर करे -