तो क्या पार्षद सौरभ राज बेहड की साज़िश में फुटेला अस्पताल की भूमिका भी संदिग्ध थी?

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आखिर क्यों फुटेला अस्पताल के चिकित्सकों ने उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल के नियमों की धज्जियां

रुद्रपुर – (एम सलीम खान संवाददाता) पार्षद सौरभ राज बेहड की गहरी साजिशों का ऊधम सिंह नगर पुलिस ने पर्दाफाश भले ही कर दिया हो, लेकिन अब भी इस साज़िश के पीछे बड़े सवाल बाकी है जिनका जवाब शायद ही मिल सके,18 जनवरी को कांग्रेस पार्षद सौरभ राज बेहड ने देर शाम एक षड्यंत्र रचा कर अपने ऊपर जानलेवा हमला कराया और उसकी इस साज़िश में उसके अपने ही दोस्त शामिल पाए गए।

एका एक हुई इस घटना से जहां एक तरफ सत्ता पक्ष के नेताओं ने इस हमले की कड़े शब्दों में निन्दा की तो वहीं कांग्रेस के दिग्गज नेताओं सहित विधायकों ने जमकर ऊधम सिंह नगर पुलिस की पृष्ठभूमि पर सवालिया लगाते हुए पुलिस को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

वहीं इस मामले का संज्ञान लेते हुए जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते इस षड्यंत्र के खुलासे के पुलिस की कई टीमों का गठन किया और इस साज़िश के पीछे से पर्दा उठाया तो हर कोई चौंक गया, अपने ही षड्यंत्र में शामिल पार्षद सौरभ राज बेहड को हमले के बाद रुद्रपुर के चर्चित फुटेला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

गौरतलब हो कि इससे पहले भी फुटेला अस्पताल उस समय सुर्खियों में बन गया जब इसी अस्पताल में नौकरी करने वाली एक नर्स तसलीम की दुष्कर्म के बाद निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई, फुटेला अस्पताल अब फिर एक बार सुर्खियों में है क्योंकि इसी अस्पताल में षड्यंत्रकारी पार्षद सौरभ राज बेहड को भर्ती कराया गया और यहाँ के हड्डी रोग विशेषज्ञ ने सौरभ राज बेहड के हाथ पर फेक्चर क़रार देते हुए मेडिकल रिपोर्ट बनाईं थी।

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हालांकि पुलिस ने अपनी पूरी कार्रवाई में इस मेडिकल रिपोर्ट को शामिल नहीं किया है, वहीं बड़ा सवाल यह है कि जब साजिशकर्ता पार्षद सौरभ राज बेहड का मेडिकल की करना था उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती क्यों नहीं कराया गया, पुलिस ने इसी वजह से प्राइवेट अस्पताल के मेडिकल को अपनी कार्रवाई में शामिल नहीं किया।

खास बात यह है कि इस पूरी साज़िश के पीछे खुद पार्षद सौरभ राज बेहड मुख्य सरगना निकला और उसने शरीर पर अगर गंभीर चोटे आई थी उहका मेडिकल परीक्षण सरकारी अस्पताल में क्यों नहीं कराया गया,अब इस गहरे राज से धीरे धीरे पर्दा हटाने लगा है विश्वनीय सूत्रों के सूत्रों के मुताबिक साजिशकर्ता पार्षद सौरभ राज बेहड ने इस हमले को खुद ही कराया था और उसके शरीर पर किसी तरह की गंभीर चोटे नहीं आई बल्कि फुटेला अस्पताल के चिकित्सकों ने उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए कथित तौर उसके हाथ पर फेक्चर क़रार दिया और फुटेला अस्पताल में फिर एक राजनीतिक की धमक दिखाई दी।

अब इस मामले को तरह तरह के कयास लगाए जा रहे विभिन्न जनप्रतिनिधियों का कहना है इस साज़िश में फुटेला अस्पताल की भूमिका भी संदेह के दायरे में और अस्पताल की भूमिका की जांच होनी चाहिए, जिससे पेशे के साथ खिलवाड़ करने वालों निजी चिकित्सकों को सबक मिल सके।


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