यूसीसी कानून की वर्षगांठ पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन गांधी पार्क में हुआ भव्य आयोजन,जिले भर की तहसीलों में हुए पंजीकरण प्रमाण पत्र भी निर्गत किए गए

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रुद्रपुर  – (एम सलीम खान संवाददाता) उत्तराखण्ड देवभूमि में समान नागरिक संहिता लागू एक वर्ष के उपलक्ष में आयोजित समारोह में वर्चुअल माध्यम से सूबे के मा0 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया व यूसीसी में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को सम्मानित भी किया।

बताते चले समान नागरिक संहिता के वर्षगांठ पर जनपद मुख्यालय के गांधी पार्क में मुख्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमे स्टांल लगाकर समान नगरिक संहित के अन्तर्गत आवेदन प्राप्त कर पंजीकरण किये गये।

वर्चुअल संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज का दिन उत्तराखंड राज्य के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में अंकित रहेगा, इसी दिन राज्य में समान नागरिक संहिता लागू हुई है, जिससे समाज में सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों की स्थापना सुनिश्चित हो सकी। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति और परंपरा सदैव समरसता और समानता की संवाहक रही है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर सहित सभी संविधान निर्माताओं ने ‘‘समान नागरिक संहिता’’ को संविधान के अनुच्छेद 44 के अंतर्गत राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों में सम्मिलित किया था। उनका मत था कि देश के सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होना चाहिए।

यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उन्होंने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पूर्व, अपने दृष्टिपत्र में राज्य में “समान नागरिक संहिता” को लागू करने का संकल्प लिया। इसी क्रम में 7 फरवरी 2024 को समान नागरिक संहिता विधेयक को राज्य विधानसभा में पारित कर राष्ट्रपति को भेजा गया।

जिसे 11 मार्च 2024 को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली। इसके बाद सभी आवश्यक नियमावली एवं प्रक्रियाओं को पूर्ण करते हुए, राज्य सरकार ने 27 जनवरी, 2025 को उत्तराखंड में समान सहिता को विधिवत रूप से लागू कर दिया, यूसीसी लागू होने से न केवल राज्य से सभी नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त हुए हैं बल्कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के एक नये युग की शुरुआत भी हुई है अब उत्तराखंड की मुस्लिम बहन बेटियों को हलाला इददत बहु-विवाह बाल विवाह और तीन तलाक़ जैसी कुर्तियों से मुक्ति मिली है यूसीसी लागू होने के बाद उत्तराखंड में एक भी हलाला या बहु-विवाह का मामला सामने नहीं आया यही कारण है कि मुस्लिम महिलाओं ने इस कानून का स्वागत किया है।

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मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि समान नागरिक संहिता किसी धर्म या पथ के खिलाफ नहीं है बल्कि ये तो समाज की कुप्रथाओं को मिटाकर सभी नागरिकों में समानता स्थापित करने का एक कानूनी प्रयास है इस कानून के माध्यम से किसी भी धर्म की मूल मान्यताओं और प्रथाओं को नहीं बदला गया है।

केवल कुप्रथाओं को दूर किया गया है यूसीसी में सभी धर्मों के लोगों के लिए विवाह विवाह विच्छेद एव उत्तराधिकारी आदि से संबंधित नियमों को एक समान किया गया है साथ ही संपत्ति के बटवारे और बाल अधिकारों के विषय में भी स्पष्ट कानून बनाए गए हैं, संपत्ति के अधिकार में बच्चों में किसी भी प्रकार का भेद नहीं किया गया है किसी भी व्यक्ति की मृत्यु होने के पश्चात उसकी संपत्ति को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच किसी प्रकार के मतभेद की स्थिति उत्पन्न न हो इसके लिए मृतक की सम्पत्ति पर उसकी पत्नी बच्चों एव माता पिता को समान अधिकार प्रदान किए गए हैं।

सीएम धामी ने कहा वर्तमान समय को देखते हुए युवक युवतियों की सुरक्षा सुनिश्चित के उद्देश्य से इस कानून में लिव इन रिलेशनशिप के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है पंजीकरण कराने वाले युगल की सूचना रजिस्ट्रार उनके माता-पिता या अभिभावक को देगा ये जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जा रही है,लिव इन के दौरान जन्मे बच्चों संतान के समान समस्त अधिकार प्रदान किए गए हैं उन्होंने कहा कि बीते एक वर्ष में राज्य सरकार ने समान नागरिक सेवाओं की पहुंच को और भी अधिक सरल सुलभ और पारदर्शी बनाया है।

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जहां यूसीसी लागू होने से पहले हमारे राज्य में औसतन केवल 67 विवाह पंजीकरण हुआ करते थे वो संख्या आज बढ़कर प्रतिदिन 1400 से अधिक हो गई है राज्य की 30 प्रतिशत से अधिक ग्राम पंचायतों में शत प्रतिशत विवाहित दंपत्तियों का पंजीकरण सफलता पूर्वक किया जा चुका है बीते एक वर्ष में यूसीसी के अंतर्गत लगभग 05 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए जिनमें से 95 प्रतिशत से अधिक का निस्तारण भी किया जा चुका है।

राज्य में आनलाइन पोर्टल व्यवस्था तथा 7.500 से अधिक सक्रिय कामन सर्विस सेंटरों के माध्यम से शासन को वास्तव में सीधे जनता के द्वार तक पहुंच दिया गया है महापौर विकास शर्मा व राज्य मंत्री फरजाना बेगम ने यूसीसी वर्षगांठ पर सभी को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी वर्गों को यूसीसी कानून लागू कर समान अधिकार दिए हैं इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री धामी का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि देश में उत्तराखंड ने यूसीसी लागू कर मिसाल कायम की है उन्होंने मुस्लिम समाज की बहनों की पीड़ा को समझते हुए जो यूसीसी कानून लागू किया उसके लिए अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्षा फरजाना बेगम ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का शुक्रिया अदा किया उन्होंने कहा पुष्कर सिंह धामी एक फरिश्ता है जिन्होंने मुस्लिम समाज की बहिनों को ही नहीं बल्कि हर समाज की बहनों को घर का मालिक बनाया है उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से यूसीसी में अधिक से अधिक पंजीकरण कराने की अपील भी की।

कार्यक्रम में महापौर विकास शर्मा, राज्य मंत्री फरजाना बेगम जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने समान नागरिक संहिता में उत्कृष्ट कार्य वाले अधिकारी, रिजिस्टार उप जिलाधिकारी डा अमृता शर्मा नगर आयुक्त शिप्रा जोशी पांडेय सब रजिस्ट्रार पंकज बिष्ट, अखिलेंद्र सिंह सोबन सिंह मौ यासीन को प्रशस्ति पत्र व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया, जनपद में सभी तहसीलों में आयोजित समान नागरिक संहिता के वर्षगांठ कार्यक्रम के अंतर्गत 892 यूसीसी प्रमाण पत्र निर्गत किए गए।

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जिनमें तहसील खटीमा में 04. सितारगंज में 145, किच्छा में 77, रुद्रपुर में 28, गदरपुर में 45, बाजपुर में 292, काशीपुर में 10, और जसपुर में 45 प्रमाण पत्र निर्गत किए गए, इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी,अपर जिलाधिकारी नजूल पंकज उपाध्याय, जिला पंचायत राज अधिकारी विधा सिंह सोमनाल, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नंदनी तोमर,उप जिलाधिकारी मनीष बिष्ट सहायक नगर आयुक्त राजू नबियाल, व्यापार मंडल अध्यक्ष गुरमीत सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और क्षेत्रीय जनता मौजूद थी।


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