
औद्योगिक क्षेत्र में वायु-जल गुणवत्ता पर सवाल, प्रशासन से समन्वित कार्रवाई की अपील
लालकुआं (उत्तराखंड) – औद्योगिक क्षेत्र लालकुआं में हाल के दिनों में पर्यावरण संबंधी मुद्दों को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हुई है। कुछ नागरिकों और समाजसेवियों ने क्षेत्र की वायु एवं जल गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए संबंधित विभागों को ज्ञापन सौंपा है।
शिकायत में औद्योगिक इकाइयों के संचालन से उत्पन्न संभावित प्रभावों की वैज्ञानिक जांच की आवश्यकता पर बल दिया गया है। इस संबंध में Century Pulp & Paper का भी उल्लेख किया गया है। नागरिकों ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा National Green Tribunal को प्रेषित पत्र में तथ्यात्मक जांच और रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि क्षेत्र के कुछ हिस्सों में समय-समय पर दुर्गंध और धुएं की शिकायतें सामने आई हैं। वहीं, कुछ किसानों ने जल निकासी और कृषि भूमि की गुणवत्ता को लेकर चिंता जताई है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभागों की जांच के बाद ही संभव होगी।
प्रशासन से समन्वित कार्रवाई की अपील
शिकायतकर्ताओं ने स्वतंत्र एजेंसी से सैंपलिंग, वायु गुणवत्ता परीक्षण, जल विश्लेषण और प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। साथ ही पूर्व में लिए गए नमूनों की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी अपील की गई है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
कानूनों के अनुपालन पर जोर
ज्ञापन में पर्यावरणीय नियमों और मानकों के कड़ाई से पालन की आवश्यकता दोहराई गई है। नागरिकों ने कहा कि उद्योग और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है, जिससे क्षेत्र का विकास भी हो और पर्यावरणीय सुरक्षा भी सुनिश्चित रहे।
स्थानीय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करने का आश्वासन दिया है। फिलहाल सभी की नजर संभावित जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।


