छह माह की गर्भवती महिला की संदिग्ध मौत से सनसनी, फंदे पर लटका मिला शव

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हल्द्वानी। दमुवाढूंगा क्षेत्र में छह माह की गर्भवती महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। महिला का शव घर के अंदर खिड़की के कुंडे से फंदे पर लटका मिला। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मृतका द्वारा मौत से पहले बनाया गया एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें उसने अपनी सास और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

जानकारी के अनुसार दमुवाढूंगा के मल्ला प्लॉट निवासी संतोष कुमार की पत्नी मनीषा (24) सोमवार दोपहर अपने घर में फंदे से लटकी मिली। घटना की सूचना मिलते ही परिजन उसे उपचार के लिए महिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

क्षेत्राधिकारी (सीओ) अमित कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतका की अपनी सास से अनबन चल रही थी। पुलिस को एक वीडियो भी मिला है, जिसे मनीषा ने कथित रूप से मौत से पहले बनाया था। वीडियो में उसने ससुराल पक्ष और विशेष रूप से अपनी सास पर गंभीर आरोप लगाए हैं। फिलहाल पुलिस वीडियो की सत्यता और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

पुलिस के अनुसार मनीषा छह माह की गर्भवती थी और उसका एक तीन वर्षीय पुत्र भी है। परिजनों का कहना है कि पारिवारिक कलह के चलते उसने यह कदम उठाया, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।

शादी को सात वर्ष पूरे नहीं होने के कारण मामले में मजिस्ट्रेटी जांच भी कराई जा रही है। मंगलवार को पोस्टमार्टम हाउस में मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में मृतका के मायके और ससुराल पक्ष के लोगों के बयान दर्ज किए गए।

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फोरेंसिक विभागाध्यक्ष डॉ. ए.के. सिंह ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए महिला के शव का पोस्टमार्टम एक महिला चिकित्सक सहित तीन डॉक्टरों के पैनल द्वारा वीडियोग्राफी के बीच कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मामले के दौरान पोस्टमार्टम हाउस में पंचायतनामा भरने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े हुए। जानकारी के अनुसार काठगोदाम थाने के एक कांस्टेबल द्वारा पंचायतनामा भरा गया, जिस पर फोरेंसिक विभागाध्यक्ष डॉ. ए.के. सिंह ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में विवेचक उपनिरीक्षक (एसआई) को शव के साथ उपस्थित होना चाहिए और मजिस्ट्रेटी जांच के दौरान बयान भी मजिस्ट्रेट द्वारा ही दर्ज किए जाने चाहिए। उन्होंने इसे निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत बताया।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने आ सकेगी।


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