धामी कैबिनेट के बड़े फैसले: गौलापार में हाईकोर्ट को मिली जमीन, मजदूरों से लेकर किसानों तक को बड़ी राहत

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देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में जनहित, प्रशासनिक सुधार और विकास से जुड़े 15 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों में न्यायिक व्यवस्था, श्रमिक कल्याण, पशुपालन, औद्योगिक विकास, कौशल, खेल और आधारभूत संरचना से जुड़े कई बड़े निर्णय शामिल रहे।

सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में गौलापार में उत्तराखंड हाईकोर्ट के निर्माण के लिए 38 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने की मंजूरी दी गई। इससे लंबे समय से लंबित हाईकोर्ट स्थानांतरण की प्रक्रिया को नई गति मिलने की उम्मीद है।

कैबिनेट ने गो-पालन योजना का दायरा बढ़ाते हुए इसे अब सामान्य वर्ग के लोगों के लिए भी खोल दिया है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को गाय एवं भैंस खरीदने पर सरकारी सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी।

श्रमिकों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली को मंजूरी दी गई। नई व्यवस्था के तहत समान कार्य के लिए समान वेतन, प्रत्येक माह की सात तारीख तक मजदूरी भुगतान तथा श्रमिकों के अधिकारों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक में राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के लिए 122 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई, जिससे विश्वविद्यालय के संचालन को मजबूती मिलेगी।

इसके अलावा जीएसटी संशोधन अध्यादेश को स्वीकृति प्रदान की गई, जबकि जल जीवन मिशन के तहत केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन लागू करने का निर्णय लिया गया, जिससे योजनाओं के हस्तांतरण की प्रक्रिया अधिक सरल होगी।

कैबिनेट ने सहकारी समिति नियमावली में संशोधन करते हुए अब कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्तियों को भी सहकारी समितियों का सदस्य बनने का अधिकार दिया है।

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मेरठ-हरिद्वार गंगा एक्सप्रेस-वे के विस्तार के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ समझौता (एमओयू) करने का भी निर्णय लिया गया, जिससे क्षेत्रीय संपर्क और यातायात सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा।

औद्योगिक क्षेत्र को गति देने के लिए उत्तराखंड औद्योगिक नियमावली को मंजूरी दी गई। नई नियमावली में नियोजकों और कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय, शिकायतों के त्वरित निस्तारण, शिकायत समिति के गठन और छंटनी किए गए कर्मचारियों को पुनः रोजगार में प्राथमिकता देने जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं।

इसके साथ ही वन विकास निगम सेवा संशोधन नियमावली को भी मंजूरी दी गई, जिसके तहत अब स्केलर पद पर भर्ती के लिए 100 अंकों की लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी।

कैबिनेट के इन निर्णयों को राज्य में न्यायिक, औद्योगिक, सामाजिक और आर्थिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


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