
देहरादून – अपना घर, इंटास फाउंडेशन, देहरादून में ‘पाथवेज टू वेलनेस’ कार्यशाला का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञ एवं सेंट्स एंड साइंटिस्ट्स की अध्यक्ष श्रीमती अंजलि ओहरी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यशाला में समग्र स्वास्थ्य, कैंसर रोगियों की देखभाल तथा उनके देखभालकर्ताओं (केयरगिवर्स) के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यशाला में अंजलि ओहरी ने प्रतिभागियों को स्वस्थ जीवनशैली के लिए आहार, सही मुद्रा (पोस्चर), जागरूक श्वास तकनीक और आत्म-देखभाल से जुड़े व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संतुलित और पौष्टिक आहार शरीर के स्वास्थ्य के साथ-साथ पाचन तंत्र और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है। कैंसर उपचार से गुजर रहे मरीजों के लिए पर्याप्त पोषण, प्रोटीन, फल-सब्जियों का सेवन और पर्याप्त पानी पीना उपचार के दौरान शरीर को बेहतर ढंग से संभालने में सहायक हो सकता है।
उन्होंने सही पोस्चर और श्वास तकनीक का प्रदर्शन करते हुए बताया कि शरीर की मुद्रा का श्वसन और शारीरिक सहजता पर प्रभाव पड़ सकता है। प्रतिभागियों को सरल एवं जागरूक श्वास अभ्यास भी कराए गए। कार्यशाला में इस बात पर भी चर्चा की गई कि कैंसर उपचार के दौरान मरीजों को थकान, तनाव और अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, ऐसे में चिकित्सकीय उपचार के साथ उचित देखभाल और भावनात्मक सहयोग भी महत्वपूर्ण है।
कार्यशाला के अंतिम सत्र में कैंसर रोगियों की देखभाल करने वाले केयरगिवर्स की चुनौतियों पर विशेष चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय तक मरीज की देखभाल करते हुए कई बार परिवार के सदस्य अपने स्वास्थ्य और मानसिक जरूरतों की अनदेखी कर देते हैं। इससे थकान, तनाव और भावनात्मक दबाव बढ़ सकता है।
अंजलि ओहरी ने केयरगिवर्स को नियमित आराम, पर्याप्त नींद, पौष्टिक भोजन और अपनी मानसिक सेहत के लिए समय निकालने की सलाह दी। उन्होंने ध्यान और प्राणायाम जैसे अभ्यासों को भी तनाव प्रबंधन के लिए उपयोगी बताया, हालांकि कैंसर मरीजों के मामले में किसी भी आहार, घरेलू उपाय या व्यायाम को अपनाने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेने पर जोर दिया गया।
आयोजकों के अनुसार, ‘पाथवेज टू वेलनेस’ का उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और उन्हें अपनी तथा अपने परिवार की सेहत के लिए व्यावहारिक कदम उठाने के लिए प्रेरित करना है। कार्यशाला में मौजूद प्रतिभागियों ने इसे उपयोगी और जानकारीपूर्ण बताया। कार्यक्रम में विशेष रूप से कैंसर मरीजों और उनके परिवारों को उपचार की कठिन यात्रा के दौरान शारीरिक एवं मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखने के लिए समग्र देखभाल के महत्व पर जोर दिया गया।

