विधि पाठशाला 5.0 में गूंजी युवाओं की कानूनी सोच, विद्यार्थियों ने परखी व्यावहारिक समझ

देहरादून – रितु गुजराल फाउंडेशन की ओर से लीची बाग, हाथीबड़कला रोड स्थित परिसर में ‘विधि पाठशाला 5.0–युवा विधि सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य विधि विद्यार्थियों को कानूनी शोध, केस स्टडी, साइबर कानून, डिजिटल साक्ष्य, संवैधानिक अधिकारों सहित कानून के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराना रहा।

कार्यक्रम में उत्तराखंड उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजेश टंडन मुख्य अतिथि रहे। भाजपा युवा मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेहा जोशी विशिष्ट अतिथि तथा बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड के चेयरपर्सन एडवोकेट राकेश गुप्ता कार्यक्रम के अध्यक्ष रहे।

सम्मेलन में नौ विधि शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने टीम आधारित गतिविधियों, केस स्टडी और कानूनी शोध में प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने विभिन्न कानूनी विषयों पर अपने तर्क और समाधान प्रस्तुत किए। इस दौरान कानूनी शोध एवं विश्लेषण के साथ तार्किक सोच और प्रभावी प्रस्तुति कौशल विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम में हेड ज्यूरी एडवोकेट आर.एस. राघव, पूर्व सूचना आयुक्त एडवोकेट विवेक शर्मा और सहायक अभियोजन अधिकारी एडवोकेट भानु प्रताप बिष्ट समेत विधि एवं शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

इस अवसर पर रितु गुजराल फाउंडेशन की संस्थापक एवं अध्यक्ष अधिवक्ता रितु गुजराल और कोषाध्यक्ष धीरज गुजराल ने न्यायमूर्ति राजेश टंडन को सम्मानित किया। अधिवक्ता रितु गुजराल ने कहा कि ‘विधि पाठशाला’ के माध्यम से युवाओं को अनुभवी विधिवेत्ताओं के मार्गदर्शन में सीखने, शोध करने और अपनी कानूनी समझ एवं सोच को विकसित करने का अवसर प्रदान किया जा रहा है।