नाबार्ड के प्रशिक्षण से महिलाओं को मिला हुनर, उद्यमिता की ओर बढ़े कदम

हल्द्वानी – राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के सहयोग से नैनीताल जिले में संचालित कढ़ाई एवं वस्त्र अलंकरण आधारित आजीविका एवं उद्यम विकास कार्यक्रम का समापन मंगलवार को गोल्ज्यू बैंक्वेट हॉल, हल्द्वानी में हुआ। कार्यक्रम का क्रियान्वयन महिला पिछड़ा वर्ग समिति, हल्द्वानी की ओर से किया गया।

समापन समारोह में नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक मुकेश बेलवाल समेत जिला उद्योग केंद्र, नैनीताल जिला सहकारी बैंक, सहकारिता विभाग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र तथा अन्य संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में करीब 50 स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने भाग लिया।

10 लाख रुपये की सहायता से संचालित हुआ कार्यक्रम

नाबार्ड की ओर से करीब 10 लाख रुपये की अनुदान सहायता से संचालित कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को कढ़ाई और वस्त्र अलंकरण के क्षेत्र में आधुनिक एवं उन्नत कौशल प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ना रहा। कार्यक्रम के तहत करीब 90 स्वयं सहायता समूहों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया।

प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को कढ़ाई एवं वस्त्र अलंकरण की तकनीकों के साथ उत्पाद विकास, गुणवत्ता सुधार, उद्यम प्रबंधन, विपणन, वित्तीय साक्षरता और बैंक ऋण से संबंधित जानकारी दी गई।

महिलाओं ने साझा किए प्रशिक्षण के अनुभव

समापन समारोह में प्रतिभागी महिलाओं ने प्रशिक्षण के दौरान हासिल किए अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण से उन्हें नई तकनीकों के साथ बाजार की मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण और आकर्षक उत्पाद तैयार करने की जानकारी मिली है। महिलाओं ने प्रशिक्षण से मिले कौशल को आय का साधन बनाने और स्वयं का उद्यम शुरू करने की इच्छा भी जताई।

इस अवसर पर नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक मुकेश बेलवाल ने प्रशिक्षण पूरा करने वाली महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि प्रशिक्षण की वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी, जब अर्जित कौशल को नियमित आर्थिक गतिविधि में बदला जाए। उन्होंने महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सामूहिक रूप से काम करने तथा उत्पादों की गुणवत्ता और विविधता पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने नाबार्ड की विभिन्न विकासात्मक योजनाओं, बैंक ऋण, सूक्ष्म उद्यम स्थापना और विपणन के अवसरों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नाबार्ड का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को कौशल से उद्यम और उद्यम से स्थायी आय की दिशा में आगे बढ़ाना है।

जिला उद्योग केंद्र, सहकारिता विभाग, नैनीताल जिला सहकारी बैंक और अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता और उद्यम स्थापना से जुड़े अवसरों की जानकारी दी।

कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागी महिलाओं ने नाबार्ड और क्रियान्वयन संस्था के प्रति आभार जताया। आयोजकों के अनुसार यह पहल ग्रामीण महिलाओं के कौशल विकास, स्वरोजगार, उद्यमिता और स्वयं सहायता समूहों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।