फर्जी DG Health बनकर ₹12.38 लाख की ठगी का आरोप, देहरादून में मुकदमा दर्ज – पुलिस तलाश में जुटी

देहरादून/हल्द्वानी – खुद को उत्तराखंड का स्वास्थ्य महानिदेशक (DG Health) और प्रभावशाली प्रशासनिक अधिकारी बताकर सरकारी ठेका व टेंडर दिलाने के नाम पर ₹12.38 लाख की धोखाधड़ी करने के आरोप में प्रकाश मेहरा उर्फ प्रकाश नेगी और उसके सहयोगी अतुल घुड़त्याल के खिलाफ नेहरू कॉलोनी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है और दोनों आरोपियों की तलाश की जा रही है।

देहरादून निवासी चंदन सिंह रावत की शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने स्वास्थ्य विभाग में अपनी कथित पहुंच और प्रभाव का हवाला देकर सरकारी ठेका दिलाने, राज्य सचिवालय में काम कराने तथा टेंडर दिलाने का भरोसा दिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस झांसे में उससे दो किस्तों में कुल ₹12.38 लाख लिए गए। इनमें ₹6.50 लाख नकद और ₹5.88 लाख बैंक ट्रांसफर के माध्यम से दिए गए।

शिकायत के मुताबिक, रकम लेने के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर केवल ₹2 लाख वापस किए, जबकि शेष ₹10.38 लाख लौटाने में आनाकानी की। रकम वापस मांगने पर पहले व्यस्तता का हवाला देकर टालने और बाद में जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से स्वयं और अपने परिजनों की सुरक्षा की मांग की है।

फर्जी पहचान के इस्तेमाल का भी आरोप

शिकायत में आरोपियों द्वारा छद्म पहचान और नामों का इस्तेमाल किए जाने की बात भी कही गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, सह-आरोपी अतुल घुड़त्याल का वास्तविक नाम बहादुर सिंह बताया गया है। पुलिस से आरोपियों की वास्तविक पहचान, पते, संपर्कों और कथित पृष्ठभूमि की जांच कराने की मांग की गई है।

गोलापार फर्जी डिग्री मामले में भी सामने आ चुका नाम

प्रकाश मेहरा का नाम इससे पहले हल्द्वानी के गोलापार स्थित एक उच्च शिक्षण संस्थान से जुड़े कथित फर्जी डिग्री और कूटरचित दस्तावेजों के मामले में भी सामने आ चुका है। इस मामले में उसके जेल जाने की बात कही गई है। इसके अलावा कमलुआगांजा स्थित मरियम पैरामेडिकल कॉलेज की परिसंपत्तियों पर कथित कब्जे और फर्जी अभिलेख तैयार करने के आरोपों को लेकर भी कॉलेज के संस्थापक पक्ष की ओर से उसके खिलाफ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल को शिकायत दी गई है। इस मामले की जांच प्रचलित बताई जा रही है।

अन्य मामलों की भी जांच की मांग

वर्तमान मुकदमे के बाद प्रकाश मेहरा से जुड़े अन्य कथित मामलों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुछ अन्य पीड़ितों के भी पुलिस और प्रशासन के समक्ष शिकायतें देने की तैयारी में होने की बात सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही हो सकेगी।

फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। जांच में कथित तौर पर सरकारी पद और अधिकारियों के नाम के इस्तेमाल, धनराशि के लेनदेन तथा आरोपियों की पहचान से जुड़े पहलुओं को भी शामिल किया गया है। मामले की विवेचना पूरी होने के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।