साइबर ठगी से बचने के लिए विद्यार्थियों को किया जागरूक, साइबर क्राइम सेल ने बताए बचाव के तरीके

हल्द्वानी – पुलिस मुख्यालय स्तर से संचालित साइबर सुरक्षा अभियान 2.0 एवं साइबर जागरूकता माह के तहत बुधवार को ‘Cyber Saathi – A Joint Awareness Initiative’ अभियान चलाया गया। अभियान के अंतर्गत साइबर क्राइम सेल नैनीताल की टीम ने जनपद के विभिन्न विद्यालयों में छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को साइबर अपराध, डिजिटल सुरक्षा और ऑनलाइन ठगी से बचाव के प्रति जागरूक किया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम के तहत थाना चोरगलिया क्षेत्र स्थित Imperium Senior Secondary School तथा कोतवाली काठगोदाम क्षेत्र स्थित Naini Valley Senior Secondary School में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

पीपीटी के जरिए समझाए साइबर ठगी के तरीके

साइबर क्राइम सेल नैनीताल की टीम ने छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों और डिजिटल सुरक्षा के उपायों की जानकारी दी। कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए उन्हें वर्तमान समय में सामने आ रहे साइबर फ्रॉड के नए तरीकों से अवगत कराया गया।

पुलिस टीम ने फर्जी ऑनलाइन जॉब एवं पार्ट टाइम जॉब फ्रॉड, सोशल मीडिया फ्रॉड, ऑनलाइन गेमिंग एवं रिवार्ड स्कैम, फर्जी निवेश एवं ट्रेडिंग योजनाओं, UPI और QR कोड फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग लिंक तथा संदिग्ध वेबसाइट और मोबाइल ऐप से होने वाली ठगी के बारे में विस्तार से बताया।

OTP, PIN और CVV किसी से साझा न करें

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को विशेष रूप से आगाह किया गया कि OTP, PIN, CVV, पासवर्ड और बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधी अक्सर लोगों को विश्वास, लालच, भय या जल्दबाजी का फायदा उठाकर ठगी का शिकार बनाते हैं।

पुलिस टीम ने कहा कि किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज, लिंक, QR कोड, ऑनलाइन ऑफर या निवेश योजना पर बिना सत्यापन के कार्रवाई नहीं करनी चाहिए। अनजान लिंक पर क्लिक करने और संदिग्ध ऐप या वेबसाइट पर निजी जानकारी दर्ज करने से भी बचना जरूरी है।

परिवार और आसपास के लोगों को भी करें जागरूक

साइबर क्राइम सेल ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने के साथ-साथ अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करें।

पुलिस ने कहा कि डिजिटल दुनिया में सावधानी ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंकिंग या डिजिटल लेनदेन से जुड़ी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।

ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत

कार्यक्रम के दौरान साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने की जानकारी भी दी गई। पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी होने पर बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें। इसके साथ ही National Cyber Crime Reporting Portal के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज कराई जा सकती है।

पुलिस ने विद्यार्थियों से अपील की कि साइबर अपराध की घटना को छिपाने या शिकायत करने में देरी करने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

साइबर सुरक्षा संदेश

“सतर्क रहें, सुरक्षित रहें—डिजिटल दुनिया में जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।”