
हल्द्वानी/लालकुआँ – (जफर अंसारी) बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने की वर्षों पुरानी मांग बुधवार को एक बड़े जनसमूह के रूप में सामने आई। लालकुआँ क्षेत्र में आयोजित महारैली में हजारों लोगों ने भाग लिया और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग को दोहराया। रैली के दौरान लोगों ने राजस्व गांव की अधिसूचना शीघ्र जारी किए जाने की अपील की।
महारैली के समापन पर एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल को ज्ञापन सौंपते हुए मांग से संबंधित पक्ष शासन तक पहुंचाने का अनुरोध किया। जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि प्राप्त ज्ञापन को शासन को प्रेषित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि बिंदुखत्ता की जनता लंबे समय से अपनी मांग को लेकर प्रयासरत है और शासन को जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने इसे क्षेत्रीय विकास से जुड़ा विषय बताया।
पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चन्द्र दुर्गापाल ने कहा कि राजस्व गांव का दर्जा मिलने से क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी और स्थानीय लोगों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरेन्द्र बोरा ने कहा कि राजस्व गांव की अधिसूचना जारी होने से भूमि, पट्टों और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े मामलों में स्पष्टता आएगी, जिससे लोगों को राहत मिलेगी।
महिला नेत्री संध्या डालाकोटि ने भी मांग का समर्थन करते हुए कहा कि यह विषय सामाजिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है और इस पर शीघ्र निर्णय अपेक्षित है।
आंदोलन समिति के अध्यक्ष कुंदन मेहता ने कहा कि समिति लगातार शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखती रहेगी, ताकि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा मिल सके।
युवा कांग्रेस नेता नितिन पंत ने कहा कि वे इस मुद्दे पर स्थानीय जनता के साथ खड़े हैं और इसे जनहित से जुड़ा विषय बताया।
महारैली के दौरान पूरे क्षेत्र में शांति, अनुशासन और एकजुटता देखने को मिली। प्रशासन की निगरानी में कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। अब बिंदुखत्ता क्षेत्र के लोग शासन के निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि उनकी मांग पर सकारात्मक विचार किया जाएगा।


