
हल्द्वानी – शहर के बनभूलपुरा क्षेत्र की लाइन नंबर 8 इन दिनों अतिक्रमण, अराजकता और बेखौफ अव्यवस्था का ऐसा केंद्र बन चुकी है, जहां कानून और व्यवस्था मानो दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। चौड़ी सड़क सिमटकर कर दी जाती है तंग जहां पैदल चलना भी किसी जोखिम से कम नहीं।
दुकानों के बाहर 6 से 8 फीट तक फैला अवैध कब्जा, सड़क पर खड़े वाहन और हर वक्त लगी भीड़—इन सबने मिलकर इस इलाके को जाम और तनाव का स्थायी अड्डा बना दिया है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि मामूली कहासुनी भी यहां देखते ही देखते विकराल रूप ले लेती है और कुछ ही मिनटों में सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो जाती है।
“यहां हर दिन तनाव, हर रात डर”
स्थानीय लोगों का कहना है कि लाइन नंबर 8 अब सिर्फ बाजार नहीं, बल्कि डर और असुरक्षा का प्रतीक बन चुका है। छोटी-छोटी बातों पर गाली-गलौज, झगड़े और दबंगाई आम हो गई है। लोग अब इस रास्ते से गुजरने से भी कतराने लगे हैं।
समय सीमा की खुलेआम धज्जियां
ईद के मौके पर मिली अस्थायी छूट को बहाना बनाकर कई दुकानदार अब भी देर रात तक दुकानें खोल रहे हैं। प्रशासन के आदेश यहां सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आते हैं।
रात के साए में क्या चल रहा है?
सूत्रों के मुताबिक, देर रात तक खुले रहने वाले इस बाजार में संदिग्ध गतिविधियों की चर्चाएं भी तेज हैं। नशाखोरी और अन्य अवैध कामों की आशंका ने स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।
सबसे बड़ा सवाल—अगर कुछ हो गया तो जिम्मेदार कौन?
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस अफरा-तफरी के माहौल में अगर खुदा ना खास्ता कोई बीमार, बुजुर्ग या दिल का मरीज फंस जाए, या किसी की जान पर बन आए—तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
प्रशासन की चुप्पी पर उठते सवाल
इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद प्रशासन की खामोशी लोगों को और परेशान कर रही है। सवाल यही है—क्या कार्रवाई का इंतजार किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही होगा?
अब वक्त है सख्ती का…
लाइन नंबर 8 को अतिक्रमण और अराजकता से मुक्त कराना अब सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि शहर की सुरक्षा और भविष्य का सवाल बन चुका है। अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो हालात हाथ से निकल सकते हैं।



