
रुद्रपुर – (एम सलीम खान संवाददाता) बीती 10 जनवरी की रात्रि को जनपद ऊधम सिंह नगर के थान आई टी आई क्षेत्र के निवासी सुखवंत सिंह द्वारा अपनी पत्नी व पुत्र के साथ जनपद नैनीताल के थाना क्षेत्र काठगोदाम क्षेत्र अंतर्गत एक होटल में प्रवास के दौरान की गई आत्महत्या के प्रकरण तथा घटना से पहले सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में मृतक द्वारा कतिपय व्यक्तियों एव जनपद ऊधम सिंह नगर पुलिस के अधिकारियों कर्मचारियों पर लगाएं गये गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच हेतु उत्तराखंड शासन द्वारा आयुक्त कुमाऊं मंडल दीपक रावत को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
जांच अधिकारी आयुक्त कुमाऊं मंडल दीपक रावत ने सर्वसाधारण से कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त घटना से संबंधित कोई तथ्य साक्ष्य बयान दर्ज कराने हो तो वह व्यक्ति एक सप्ताह अंतर्गत कार्यालय आयुक्त कुमाऊं मंडल नैनीताल कैंप कार्यालय खाम बंगला हल्द्वानी में कार्यालय कार्य अवधि पूर्वाह्न 10 बजे से अपराह्न 5 बजे तक उपस्थित होकर साक्ष्य सहित बयान अंकित करा सकते हैं।
गौरतलब हो कि ऊधम सिंह नगर के काशीपुर के रहने वाले किसान सुखवंत सिंह ने चार करोड़ रुपए की ठगी को ले, और इस मामले में ऊधम सिंह नगर पुलिस को कटघरे में खड़ा करते हुए अपनी पत्नी और बेटे सहित खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
इससे पहले मृतक किसान सुखवंत सिंह ने अपने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में ऊधम सिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा सहित पैगा पुलिस चौकी के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि मेरे शरीर के अंगों को बेच कर उससे आई धनराशि को ऊधम सिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा और पैगा पुलिस चौकी प्रभारी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को दे दिए जाए।
जिसके बाद राजधानी देहरादून से पूरे उत्तराखंड में फिर एक बार पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया खड़े हो गए और इस मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने त्वरित कुमाऊं मंडल के आयुक्त दीपक रावत को मजिस्ट्रेट जांच के निर्देश दिए थे कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने इस बेहद दिल दहलाने वाली घटना की जांच शुरू कर दी है।


