
रुद्रपुर – विभिन्न सामाजिक एवं जनसंगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा जिलाधिकारी रुद्रपुर के माध्यम से पुलिस महानिदेशक, उत्तराखंड सरकार को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कोटद्वार एवं रुद्रपुर में घटित घटनाओं का उल्लेख करते हुए साम्प्रदायिक सौहार्द को प्रभावित करने वाले तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
ज्ञापन में कोटद्वार में कथित रूप से साम्प्रदायिक तनाव फैलाने, भय और दहशत का माहौल बनाने तथा रुद्रपुर में जिम संचालक मोहित चोपड़ा के जिम के बोर्ड पर स्याही पोतने और उन्हें डराने-धमकाने की घटनाओं का उल्लेख किया गया। साथ ही इन घटनाओं की रिपोर्टिंग करने वाले अनसुनी आवाज/प्रेरणाशुं पत्रिका के पत्रकार रूपेश कुमार को सोशल मीडिया के माध्यम से धमकी दिए जाने के मामलों में भी तत्काल कार्रवाई की मांग रखी गई।
ज्ञापन सौंपने के दौरान आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड में बीते कुछ समय से सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाली घटनाएं सामने आ रही हैं। वक्ताओं के अनुसार, संविधान प्रत्येक नागरिक को व्यवसाय करने, रहन-सहन और वेश-भूषा की स्वतंत्रता प्रदान करता है, किंतु कुछ संगठनों द्वारा इन अधिकारों को चुनौती देने वाली गतिविधियां की जा रही हैं, जो संविधान की मूल भावना के विपरीत हैं।
वक्ताओं ने कोटद्वार की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि एक दुकानदार पर दुकान के नाम से एक शब्द हटाने का दबाव बनाया गया। इस विषय में उत्पन्न विवाद के दौरान सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की कोशिश करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध मुकदमे दर्ज किए गए, जबकि भीड़ के रूप में राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने और तनाव की स्थिति उत्पन्न करने वाले लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया।
सभा में यह भी कहा गया कि “बाबा” शब्द किसी एक धर्म विशेष तक सीमित नहीं है और इसका उपयोग व्यापक सांस्कृतिक संदर्भ में किया जाता रहा है। वक्ताओं ने रुद्रपुर में सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने के प्रयासों में आगे आए जिम संचालक मोहित चोपड़ा के समर्थन में प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
साथ ही पत्रकार रूपेश कुमार को मिल रही धमकियों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए वक्ताओं ने कहा कि ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई आवश्यक है, ताकि समाज में भय का माहौल न बने।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से निम्न मांगें रखी गईं—
दीपक एवं विजय पर दर्ज मुकदमों को निरस्त किया जाए।
राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने, भीड़ के रूप में दहशत फैलाने एवं साम्प्रदायिक वैमनस्य उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
पत्रकार रूपेश कुमार को धमकी देने वाले अराजक तत्वों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए।
यह ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा गया।
ज्ञापन देने वालों में क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के शिवदेव सिंह, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की रविंद्र कौर, इंकलाबी मजदूर केंद्र के कैलाश भट्ट, सीएसटीयू के विजय कुमार, भाकपा (माले) के ललित मटियाली, ईदगाह बचाओ संघर्ष समिति के मजहर रिजवी, सीएनजी टेंपो यूनियन के सुब्रत विश्वास, मजदूर अधिकार संघर्ष अभियान के दिनेश चंद्र, सामाजिक कार्यकर्ता राजेश काकोरी, शहीद यादगार कमेटी के शक्ति सरकार, निकाय कर्मचारी महासंघ के पूर्व सदस्य एन.बी. शर्मा, इंट्रार्क मजदूर संगठन के वीर सिंह सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।


