
लालकुआँ – (ज़फर अंसारी) अमृत भारत योजना के अंतर्गत लालकुआँ रेलवे स्टेशन पर चल रहे करोड़ों रुपये के विस्तारीकरण और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। निर्माण कार्यों में मानकों से समझौते और अनियमितताओं के आरोपों का मामला अब सीधे नैनीताल लोकसभा सांसद अजय भट्ट तक पहुंच गया है। सांसद अजय भट्ट ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए कड़ी नाराजगी व्यक्त की है और मामले की जांच कराए जाने का आश्वासन दिया है।
सांसद अजय भट्ट ने स्पष्ट कहा कि सरकारी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोष पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि लालकुआँ रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत योजना के तहत बड़े स्तर पर विकास कार्य चल रहे हैं, लेकिन स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। आरोपों के अनुसार निर्माण कार्यों में निम्न गुणवत्ता की ईंट, रेत और पीट लाइन से निकली सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे कार्यों की मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं।
उत्तराखण्ड बेरोजगार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्य आंदोलनकारी प्रकाश उत्तराखण्डी के साथ ही नगर पंचायत लालकुआँ के सभासदों ने भी निर्माण कार्यों पर सवाल उठाते हुए कहा कि योजना के धरातल पर उतरते ही गुणवत्ता प्रभावित होती दिखाई दे रही है। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
वहीं स्थानीय नागरिकों और सोशल मीडिया के माध्यम से इस संबंध में लोकसभा सांसद प्रतिनिधि लक्ष्मण खाती को भी शिकायतें प्राप्त हुईं। सांसद प्रतिनिधि द्वारा फोन के माध्यम से सांसद अजय भट्ट को पूरे प्रकरण से अवगत कराया गया, जिसके बाद सांसद ने जांच कर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अमृत भारत योजना से जुड़े इन आरोपों की जांच कब शुरू होती है और दोषियों पर कब तक कार्रवाई होती है।


