नफ़रत के कांटे निकाल कर मोहब्बत के फूल बिछाने होंगे तभी सुरक्षित होगी भारत की क़ौमी एकता और अखंडता – राष्ट्रीय कौमी एकता मंच

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नई दिल्ली – देश में बड रही हिन भावना को लेकर राष्ट्रीय कौमी एकता मंच ने गहरी चिंता जाहिर की है,देश में धर्म जाति भाषा मजहब को लेकर चलाए जा रहे नफरती दौर को खत्म कर फिर से भारत की क़ौमी एकता और अखंडता को बढ़ावा देने के लिए पुर जोर वकालत की गई है, मंच से जुड़ें विभिन्न समुदायों के गणमान्य लोगों ने दिल्ली के इंदिरापुरम इलाके में नमाज अदा कर रहे नमाजियों पर एक पुलिस अधिकारी द्वारा नमाज़ पढ़ते हुए उन्हें लाते मारने के मामले को गंभीरता से लेते हुए कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त है, मंच से जुड़ें पदाधिकारियों का कहना है कि भारत में अब विभिन्न समुदायों को पूजा अर्चना, नमाज़ अदा करने से भी रोका जा रहा है,जो बेहद शर्मनाक है, केन्द्र और राज्य सरकारों को इस मामले पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है, नहीं तो देश का माहौल खराब हो सकता है, उन्होंने कहा दशकों पहले किसी भी धर्म के नागरिक को अपने धर्म अनुसार पूजा पाठ, नमाज आदि के लिए पूरी आजादी थी, लेकिन इस सादी में आदमी स्वतंत्र रूप से वे भी नहीं कर सकता, मंच के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कहा कि क्या देश में भक्ति, पूजा, नमाज को जंजीरों में कैद करने का प्रयास किया जा रहा है, उन्होंने कहा कि देश में नफ़रत की आग को बुझाने का प्रयास नहीं कर उसे ओर हवा दी जा रही है, कैसे एक जिम्मेदार दरोगा नमाज अदा करने वाले पर लात चला सकता है, उसके इस दुस्साहस की जितनी भी निंदा की जाएं कम है, हम इस तरह की वैहाशी हरकत की कड़ी निंदा करते हैं ,

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पीएम मोदी देश में अमन चैन आपसी सद्भाव भाईचारे के लिए आगे आए

राष्ट्रीय कौमी एकता मंच के वरिष्ठ सचिव सरदार विरेन्द्र सिंह सिरसा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देश में कौमी एकता अखंडता को मजबूत करने के लिए आगे आना चाहिए, उन्होंने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश की कौमी एकता को बनाए रखने में कारागार कदम उठा रहे हैं, लेकिन समाज में कुछ तत्व ऐसे भी हैं जो देश की कौमी एकता से खिलवाड़ कर अपना हित साधने में जुटे हैं, उन्होंने कहा कि ऐसे घातक लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल लाने की जरूरत है,

मंच के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ तहसीम अली खां ने कहा कि हम भारत में अमन चैन आपसी सद्भाव भाईचारे को कायम रखने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन देश के किसी न किसी हिस्से से ऐसी कोई घटना सामने आ जाती है,जो देश की कौमी एकता पर बडा धब्बा लगा जाती है, उन्होंने हल्द्वानी और दिल्ली की घटना को इसका परिणाम बताया।

स्वामी हरिकृष्ण देवसरे ने कहा कि कोई भी धर्म जाति मजहब देश की एकता और अखंडता से बड़ा नहीं है,गीता कुरान, गुरु ग्रंथ, बाईबल सब शांति अमन चैन आपसी सद्भाव भाईचारे का संदेश देते हैं, किसी भी धर्म की किताब में यह अंकित नहीं है कि आप एक दूसरे के धर्म मजहब के खिलाफ जा कर काम करें, उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब पूरे देश में धर्म जाति मजहब से ऊपर उठकर आपसी सद्भाव भाईचारे का संदेश घर घर पहुंचना होगा, दिल्ली के सफदरजंग इलाके में बने राष्ट्रीय कौमी एकता मंच के कार्यलय में बैठक के दौरान यह बाते कही गई है।

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संवाददाता-एम सलीम खान की रिपोर्ट


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