
भीमताल। कभी घर-परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित रहने वाली भीमताल विकासखंड के भीमेश्वर ग्राम संगठन की पांच महिलाओं ने आज आत्मनिर्भरता की ऐसी मिसाल पेश की है, जो अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद इन महिलाओं ने अपने हौसले और मेहनत के दम पर उद्यमिता की नई पहचान बनाई है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत प्राप्त सात लाख रुपये के ऋण ने इन महिलाओं के सपनों को नई उड़ान दी। आर्थिक सहायता मिलने के बाद महिलाओं ने भीमताल विकास भवन परिसर में “मिलेट बेकरी ग्रोथ सेंटर” की स्थापना की, जो आज उनकी सफलता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुका है।
महिलाओं द्वारा संचालित यह बेकरी सेंटर न केवल उनके लिए आय का सशक्त माध्यम बना है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वर्तमान में इस केंद्र के माध्यम से तीन अन्य लोगों को भी रोजगार प्राप्त हुआ है। समूह द्वारा संचालित बेकरी से प्रति माह लगभग 60 हजार रुपये की आय अर्जित की जा रही है, जिससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
मिलेट आधारित उत्पादों के निर्माण और विपणन के जरिए यह समूह न केवल स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रहा है, बल्कि मोटे अनाज (मिलेट्स) को बढ़ावा देने के सरकार के प्रयासों को भी मजबूती प्रदान कर रहा है।
महिलाओं की यह सफलता कहानी आत्मनिर्भर भारत अभियान, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण उद्यमिता का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है। यह साबित करती है कि यदि सरकारी योजनाओं का लाभ सही दिशा में लिया जाए तो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपनों को साकार किया जा सकता है।
आज भीमेश्वर ग्राम संगठन की इन पांच महिलाओं ने यह संदेश दिया है कि आत्मविश्वास, मेहनत और सरकारी सहयोग के बल पर कोई भी महिला अपने जीवन की दिशा बदल सकती है और समाज में एक नई पहचान बना सकती है।

