
हल्द्वानी – हल्द्वानी क्षेत्र से एक नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गंभीर धाराओं के साथ पोक्सो एक्ट के तहत भी मुकदमे में धाराएं बढ़ा दी हैं। घटना में प्रयुक्त वाहन को भी बरामद कर सीज कर दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, 29 जुलाई को कोतवाली हल्द्वानी क्षेत्र की एक महिला ने अपनी नाबालिग पुत्री के घर से बिना बताए चले जाने की सूचना देते हुए तहरीर दी थी। इस पर कोतवाली हल्द्वानी में अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विवेचना उपनिरीक्षक संजीत राठौर को सौंपी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने नाबालिग की शीघ्र बरामदगी और घटना में शामिल आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। एसपी हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह मेहता के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही व्यापक स्तर पर सुरागरसी और पतारसी की।
जांच के दौरान पुलिस ने दो संदिग्धों की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने विक्रम सिंह (29) निवासी हरिपुरनायक, कुसुमखेड़ा तथा सौरभ बिष्ट (21) निवासी त्रिलोकपुर दानी, गौलापार को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि विवेचना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में धारा 65(1), 115(2), 352 बीएनएस के साथ पोक्सो एक्ट की धारा 5/6 की बढ़ोतरी की गई है। घटना में प्रयुक्त वाहन भी बरामद कर नियमानुसार सीज कर दिया गया है।
दोनों आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक संजीत राठौर, उपनिरीक्षक आरती, उपनिरीक्षक दीपक कार्की, हेड कांस्टेबल पूरन मेहरा, इशरार नबी, हंसी सावंत, कांस्टेबल दिनेश नगरकोटी, संतोष बिष्ट, राहुल राणा तथा महिला कांस्टेबल अनीता फुलेरिया शामिल रहे।

