मतदाता सूची विवाद पर रुद्रपुर में कांग्रेस का धरना, ठुकराल ने दी आमरण अनशन की चेतावनी

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रुद्रपुर – मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान कथित अनियमितताओं और फर्जी आपत्तियों को लेकर गुरुवार को रुद्रपुर में सियासी माहौल गर्म हो गया। पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता राजकुमार ठुकराल ने एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना देकर जिला प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। धरने के बाद उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि शीघ्र न्यायपूर्ण कार्रवाई नहीं हुई तो वह एसडीएम कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू करेंगे।

धरने को संबोधित करते हुए राजकुमार ठुकराल ने आरोप लगाया कि रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में एक राजनीतिक दल से जुड़े कुछ लोग सुनियोजित तरीके से वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटवाने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना था कि वर्षों से क्षेत्र में निवास कर रहे नागरिकों के खिलाफ बड़ी संख्या में कथित फर्जी आपत्तियां दर्ज कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) निष्पक्षता से कार्य कर रहे हैं, लेकिन सैकड़ों बेबुनियाद आपत्तियां दर्ज कर उनके कार्य में अनावश्यक बाधा उत्पन्न की जा रही है। उनका आरोप था कि इन आपत्तियों को अब तक संबंधित बीएलओ के पास जांच और निस्तारण के लिए भी नहीं भेजा गया, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

पूर्व विधायक ने दावा किया कि उनके परिवार को भी इस कथित साजिश का शिकार बनाया गया। उन्होंने बताया कि उनकी माता दर्शना रानी के नाम पर भी आपत्ति दर्ज कराई गई, जबकि संबंधित व्यक्ति ने स्वयं स्वीकार किया कि उसने कोई आपत्ति दर्ज नहीं की और उसके नाम का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई आपत्तियों पर आपत्तिकर्ताओं के हस्ताक्षर तक नहीं हैं और अनेक ऐसे मतदाताओं के खिलाफ भी आपत्तियां दर्ज की गई हैं जो वर्षों से अपने परिवार के साथ उसी क्षेत्र में निवास कर रहे हैं।

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राजकुमार ठुकराल ने कहा कि वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाने के लिए सुनियोजित षड्यंत्र रचा जा रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की, ताकि मतदाता सूची की विश्वसनीयता बनी रहे और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर लोगों का विश्वास कायम रहे।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि प्रशासन ने शीघ्र निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई नहीं की तो कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर व्यापक आंदोलन करेगी और वह स्वयं आमरण अनशन पर बैठेंगे।

धरने के दौरान एसडीएम द्वारा मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद पूर्व विधायक ने अपना धरना समाप्त कर दिया।


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