
हल्द्वानी – नैनीताल पुलिस ने ऑपरेशन हॉटस्पॉट-2026 के तहत साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मुखानी थाना क्षेत्र में संचालित एक कथित अंतरराष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है।
संयुक्त टीम ने छापेमारी कर गिरोह के मुख्य सरगना समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि दो विधि-विवादित किशोरों को संरक्षण में लिया गया है। पुलिस के अनुसार गिरोह म्यूल बैंक खातों, एटीएम कार्ड और अनधिकृत ऐप के जरिए साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर करने का काम कर रहा था। गिरोह द्वारा पिछले चार महीनों में पांच करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी किए जाने का पुलिस ने दावा किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत 5/6 सितंबर की रात को कोतवाली मुखानी पुलिस, एसओजी और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने लक्ष्मण विहार कॉलोनी स्थित एक मकान में छापेमारी की। पुलिस के मुताबिक मौके से कथित साइबर वित्तीय नेटवर्क का संचालन करते हुए मुख्य आरोपी राहुल यादव निवासी इंदौर, मध्य प्रदेश सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने मामले में मुखानी कोतवाली में मुकदमा अपराध संख्या 141/2026 के तहत आईटी एक्ट की धारा 66(C), 66(D) तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5), 318(4) में मुकदमा दर्ज किया है। दो अन्य वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
USDT की खरीद-फरोख्त से लेकर खातों की लेयरिंग तक
पुलिस जांच के अनुसार गिरोह का मुख्य संचालक राहुल यादव Binance ऐप के माध्यम से नकद धनराशि जुटाकर USDT खरीदता था। इसके बाद टेलीग्राम के जरिए प्राप्त कथित अनधिकृत UMASTER ऐप पर प्रतिदिन करीब चार से पांच लाख रुपये मूल्य की USDT को अतिरिक्त मुनाफे और बोनस के लालच में बेचा जाता था।
पुलिस के मुताबिक साइबर अपराध से प्राप्त धनराशि को खपाने के लिए गिरोह स्थानीय युवकों के माध्यम से म्यूल बैंक खाते जुटाता था। खाताधारकों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक और पासबुक हासिल किए जाते थे। इसके बाद इन खातों से एटीएम के जरिए नकदी निकाली जाती और अधिक रकम होने पर कैश डिपॉजिट मशीन के माध्यम से अन्य बैंक खातों में धनराशि स्थानांतरित की जाती थी। पुलिस का कहना है कि खाताधारकों के सिम कार्ड भी गिरोह अपने पास रखता था।
यह सामान हुआ बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1.18 लाख रुपये नकद, एक डेल लैपटॉप, एक एप्पल आईपैड, 11 स्मार्टफोन, 24 विभिन्न बैंकों के सक्रिय एटीएम/डेबिट कार्ड, 12 सक्रिय सिम कार्ड, छह चेकबुक, चार पासबुक और 16 बैंक जमा/सीडीएम पर्चियां बरामद करने की जानकारी दी है।
गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य सरगना राहुल यादव के अलावा हर्षित कुमार, कमल गोस्वामी, साहिल कुमार, मौ. अयान और मौ. शुभान शामिल हैं। पुलिस के अनुसार राहुल यादव पूर्व में भी इंदौर ग्रामीण थाने में दर्ज मामले में जेल जा चुका है।
दो किशोर भी संरक्षण में
कार्रवाई के दौरान दो विधि-विवादित किशोरों को भी पुलिस ने संरक्षण में लिया। दोनों को बाल कल्याण पुलिस अधिकारी के संरक्षण में अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए प्रस्तुत किया गया है।
एसएसपी नैनीताल ने कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम का उत्साहवर्धन करते हुए 2,500 रुपये के नगद पुरस्कार की घोषणा की है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को कमीशन या आर्थिक लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक अथवा चेकबुक इस्तेमाल के लिए न दें। साइबर अपराध में खाते का इस्तेमाल पाए जाने पर खाताधारक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। संदिग्ध वित्तीय गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस थाने या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर देने की अपील की गई है।

