
रुद्रपुर – पर्वतीय समाज समिति (पंजीकृत) की ओर से हंस बिहार में हरेला पर्व एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया, वहीं पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। समिति के पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि राजकुमार ठुकराल का पुष्पगुच्छ एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया। इसके बाद शिक्षा, सामाजिक, सांस्कृतिक तथा अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
हरेला पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि, समिति के पदाधिकारियों तथा उपस्थित लोगों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि हरेला केवल एक पारंपरिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति आस्था, हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला लोकपर्व है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की।
मुख्य अतिथि राजकुमार ठुकराल ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। यदि आज प्रकृति के संरक्षण के प्रति गंभीर प्रयास नहीं किए गए तो आने वाली पीढ़ियों को इसके गंभीर दुष्परिणाम झेलने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि हरेला पर्व हमें प्रकृति के साथ जुड़ने और उसके संरक्षण की प्रेरणा देता है। साथ ही उन्होंने पर्वतीय समाज समिति द्वारा प्रतिभाओं के सम्मान और पर्यावरण जागरूकता के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने के साथ युवाओं को भी प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष गिरीश जोशी ने की। आयोजन को सफल बनाने में उपाध्यक्ष इंदर सिंह रौतेला, कोषाध्यक्ष संजय अधिकारी, मनोज पालीवाल सहित समिति के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस अवसर पर परिहार, सुरेश उप्रेती, दीपक कोरंगा, किशन सिंह बिष्ट, डॉ. नारायण मोहन डुगरी, पी.सी. शर्मा, कल्याण बिष्ट सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, समाजसेवी एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण के सामूहिक संकल्प तथा सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ।

