
रुद्रपुर/गदरपुर (उधम सिंह नगर) जिले में इन दिनों साइबर अपराध का जाल तेजी से फैलता जा रहा है। आसान कमाई के लालच में अपने बैंक खाते दूसरों को इस्तेमाल करने देने वाले युवा अब कानून के शिकंजे में फंसते नजर आ रहे हैं। ताजा मामला गदरपुर थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां दिल्ली पुलिस की टीम ने दबिश देकर दो युवकों को हिरासत में लिया है।
पुलिस के अनुसार, इन युवकों के बैंक खातों से करोड़ों रुपये के संदिग्ध साइबर लेनदेन जुड़े होने की आशंका है। बताया जा रहा है कि आरोपी “खाता दो, मोटा कमीशन लो” जैसे लालच में आकर अपने खाते साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे।
लगातार हो रही बाहरी राज्यों की पुलिस की कार्रवाई
यह कोई पहला मामला नहीं है। जिले में लगातार दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और महाराष्ट्र की पुलिस टीमें पहुंचकर कार्रवाई कर रही हैं। इससे साफ है कि उधम सिंह नगर साइबर अपराधियों के लिए एक बड़ा केंद्र बनता जा रहा है।
हर लेनदेन पर है नजर
पुलिस और साइबर सेल की नजर अब हर बैंक खाते की गतिविधियों पर है। विशेषज्ञों का कहना है कि संदिग्ध ट्रांजैक्शन तुरंत रिकॉर्ड में आ जाते हैं और जांच एजेंसियां तेजी से आरोपियों तक पहुंच रही हैं।
‘सिर्फ खाता दिया था’ अब नहीं चलेगा बहाना
कानूनी जानकारों के मुताबिक, अपना बैंक खाता किसी अन्य को उपयोग के लिए देना भी अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति को साइबर ठगी का भागीदार माना जा सकता है।
जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर उठे सवाल
हैरानी की बात यह भी सामने आई है कि कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधि ऐसे आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। इससे सवाल उठता है कि आखिर संरक्षण किसे दिया जा रहा है—भोले युवाओं को या संगठित साइबर अपराध नेटवर्क को?
महत्वपूर्ण बिंदु:
- लालच में खाता देना पड़ रहा भारी
- साइबर ठगी में खाताधारक भी बराबर का आरोपी
- बाहरी राज्यों की पुलिस लगातार कर रही छापेमारी
- हर संदिग्ध ट्रांजैक्शन पर साइबर सेल की कड़ी नजर
चेतावनी:
अगर कोई आपसे आपके बैंक खाते के बदले पैसे देने की बात करता है, तो सतर्क हो जाएं। थोड़े से लालच के कारण आप गंभीर कानूनी कार्रवाई में फंस सकते हैं।
