
लालकुआं – कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत टांडा रेंज में हाथी के हमले के बाद वन विभाग ने पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। लगातार बढ़ रही घटनाओं को देखते हुए जंगलों में गश्त तेज कर दी गई है और आसपास के ग्रामीण इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
लालकुआं तराई केंद्रीय वन प्रभाग की टांडा रेंज में हाथी के हमले के बाद सांप पठानी, चीढ़ खत्ता, पंतनगर तथा लालकुआं शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया है।
रविवार को वन क्षेत्राधिकारी रूपनारायण गौतम के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने खत्तों में निवास कर रहे लोगों के बीच पहुंचकर जागरूकता अभियान चलाया और हाथियों से बचाव के उपायों की जानकारी दी।
वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को जंगल में न जाने, विशेषकर शाम के समय सतर्क रहने, तथा आवश्यकता पड़ने पर मशाल का उपयोग करने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही जलौनी लकड़ी लेने के लिए भी जंगल में प्रवेश न करने की अपील की गई है।
वन क्षेत्राधिकारी रूपनारायण गौतम ने बताया कि खत्तों में रहने वाले लोगों को शाम 6 बजे के बाद घरों से बाहर न निकलने और जंगल की ओर न जाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। हाथी के बढ़ते खतरे को देखते हुए लोगों से घरों के भीतर ही सुरक्षित रहने की अपील की गई है।
वन विभाग ने सांप पठानी खत्ता, चीढ़ खत्ता समेत कई संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी है, वहीं पंतनगर क्षेत्र के आसपास भी वन कर्मियों की तैनाती कर दी गई है।
गौरतलब है कि हालिया हाथी हमलों में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें पंतनगर निवासी एक बुजुर्ग महिला भी शामिल हैं। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।

