
रुद्रप्रयाग – श्री केदारनाथ धाम में कपाट खुलने के बाद पहले शनिवार को एक और महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा का निर्वहन करते हुए भकुंट भैरवनाथ मंदिर के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए विधि-विधान से खोल दिए गए। इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम में उपस्थित रहे और जयकारों के साथ दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
दोपहर के समय केदारनाथ धाम के पुजारी टी. गंगाधर लिंग सहित श्री बदरी-केदार मंदिर समिति और श्री केदार सभा के पदाधिकारी भैरवनाथ मंदिर पहुंचे। यहां हवन, यज्ञ और पूजा-अर्चना संपन्न कराने के बाद विधिवत रूप से मंदिर के कपाट खोले गए।
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने इस अवसर पर देश-विदेश से आए तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम के रक्षक देवता माने जाने वाले भैरवनाथ जी के कपाट खुलने के साथ ही अब भगवान केदारनाथ की नित्य आरती नियमित रूप से संपन्न होगी।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भैरवनाथ जी को केदारनाथ धाम का रक्षक देवता माना जाता है। शीतकाल में जब केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद रहते हैं, तब पूरे क्षेत्र की सुरक्षा का दायित्व भैरवनाथ जी पर ही रहता है। यही कारण है कि केदारनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालु भैरवनाथ मंदिर के दर्शन को विशेष महत्व देते हैं।
यात्रा को लेकर इस वर्ष श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। प्रशासन और मंदिर समिति की ओर से यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
इस अवसर पर जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग एवं बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी विशाल मिश्रा, श्री केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, बीकेटीसी सदस्य डॉ. विनीत पोस्ती, तीर्थ पुरोहित संतोष त्रिवेदी, प्रभारी अधिकारी राजन नैथानी, डीएस भुजवान सहित भैरवनाथ जी के पश्वा अरविंद शुक्ला, विपिन तिवारी, दीपक पंवार और श्री केदार सभा के पदाधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में तीर्थयात्री उपस्थित रहे।

