
हल्द्वानी – भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम को लेकर गुरुवार को तहसील सभागार हल्द्वानी में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी विवेक राय ने की।
बैठक में दावे-आपत्तियों के निस्तारण, नोटिस और सुनवाई की प्रक्रिया तथा मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को विस्तार से जानकारी दी गई।
28 सितंबर तक जारी रहेगी नोटिस और सुनवाई की प्रक्रिया
अपर जिलाधिकारी विवेक राय ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रारूप-6, प्रारूप-7 और प्रारूप-8 से संबंधित प्राप्त दावों एवं आपत्तियों पर नोटिस और सुनवाई की प्रक्रिया अब 28 सितंबर 2026 तक निर्धारित की गई है। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 3 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित है।
उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अपने स्तर से मतदाताओं को SIR की प्रक्रिया के संबंध में सही और तथ्यात्मक जानकारी दें, ताकि किसी प्रकार का भ्रम उत्पन्न न हो।
DSE/PSE में नाम आने का मतलब नाम कटना नहीं
बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी मतदाता की प्रविष्टि DSE/PSE में चिन्हित होने मात्र से उसका नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाता। पहले यह सत्यापित किया जाता है कि चिन्हित प्रविष्टियां वास्तव में एक ही व्यक्ति की हैं या अलग-अलग मतदाताओं की।
यदि किसी मतदाता की एक से अधिक स्थानों पर प्रविष्टि पाई जाती है तो संबंधित मतदाता से उसके वर्तमान निवास और अन्य विवरणों की पुष्टि की जाएगी। मतदाता की स्थिति के अनुसार एक स्थान पर प्रविष्टि बनाए रखने और अन्य स्थानों से नियमानुसार प्रविष्टि हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
15 दिन में जवाब का मिलेगा अवसर
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि संबंधित मतदाता को फॉर्मेट-ए में नोटिस पंजीकृत डाक या स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा जाएगा। नोटिस जारी होने की तिथि से 15 दिन के भीतर अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया जाएगा।
यदि निर्धारित अवधि में मतदाता की ओर से कोई जवाब प्राप्त नहीं होता है तो बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) संबंधित पते पर जाकर सत्यापन करेंगे। इसके बाद ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वास्तविक मतदाता का नाम सुरक्षित रखना उद्देश्य
विवेक राय ने कहा कि DSE/PSE प्रक्रिया का उद्देश्य किसी वास्तविक मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से हटाना नहीं है। इसका उद्देश्य संभावित मल्टीपल एंट्री को चिन्हित कर उनका सत्यापन करना है। सत्यापन के बाद ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, ताकि प्रत्येक वास्तविक मतदाता का नाम सही स्थान पर मतदाता सूची में बना रहे।
बैठक में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी एचडी पांडे और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

