हल्द्वानी में जुटेंगे पांच हजार पूर्व सैनिक, 10 सितंबर को होगा भव्य मिलन समारोह

हल्द्वानी – उत्तराखंड के पूर्व सैनिकों और सैन्य परिवारों के सम्मान एवं उनके बीच संवाद को मजबूत करने के उद्देश्य से 10 सितंबर को हल्द्वानी के वाटिका गार्डन में ‘भारतीय सैन्य बलों एवं अर्द्धसैनिक बलों के गौरव सेनानियों का मिलन समारोह’ आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होगा, जिसमें प्रदेशभर से करीब पांच हजार पूर्व सैनिकों के शामिल होने का लक्ष्य रखा गया है।

यह जानकारी मंगलवार को उपनल कार्यालय हल्द्वानी में मीडिया से वार्ता के दौरान कृषि एवं कृषक कल्याण, सैनिक कल्याण और ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सैनिक बहुल प्रदेश है और यहां के वीर जवानों ने देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पूर्व सैनिकों का यह मिलन समारोह उनके सम्मान के साथ-साथ उनके अनुभवों और भावनाओं को साझा करने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।

शहीद परिवारों के लिए बढ़ाई गई सहायता राशि

मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने वीरता पदक प्राप्त करने वाले पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में वृद्धि की है। वहीं, देश की रक्षा करते हुए शहीद होने वाले सैनिकों की विधवाओं को मिलने वाली शहीद अनुदान राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया गया है।

उन्होंने बताया कि शहीद सैनिक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की व्यवस्था भी की गई है। अब तक 28 शहीद परिवारों के सदस्यों को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जा चुकी है।

उत्तराखंड के लिए गौरव हैं सैन्य क्षेत्र की हस्तियां

सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के लिए यह गौरव का विषय है कि देश की सुरक्षा व्यवस्था के शीर्ष पदों पर प्रदेश की सैन्य प्रतिभाओं ने अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि देश के प्रथम राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, प्रथम सीडीएस स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत और द्वितीय सीडीएस जनरल अनिल चौहान का उत्तराखंड से संबंध रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि तीसरे सीडीएस भी गढ़वाल रेजिमेंट से जुड़े हैं।

अक्टूबर में जनता को समर्पित होगा सैन्य धाम

गणेश जोशी ने बताया कि देहरादून में तैयार किया गया सैन्य धाम लगभग अक्टूबर माह में जनता को समर्पित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सैन्य धाम में देश की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले 1734 शहीद परिवारों के आंगन की मिट्टी और 28 नदियों का जल लाया गया है।

सैन्य धाम परिसर में वीर सैनिक बाबा जसवंत सिंह और बाबा हरभजन सिंह के मंदिर भी बनाए गए हैं। इसके अलावा वीर जवानों की गाथाओं और उनके अदम्य साहस से लोगों को परिचित कराने के लिए लाइट एंड साउंड शो भी आयोजित किया जाएगा।

मंत्री ने कहा कि सैन्य धाम उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा और चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को प्रदेश के वीर सैनिकों के शौर्य और बलिदान से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

शहीदों के नाम पर गांवों में होंगे विकास कार्य

सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि सीमा पर शहीद होने वाले वीर सैनिकों के पैतृक गांवों में उनके नाम पर सड़क और विद्यालय का नामकरण करने के साथ ही उनकी प्रतिमाएं स्थापित करने का कार्य भी सरकार प्राथमिकता से कर रही है। इसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को शहीदों के त्याग, साहस और देशभक्ति से प्रेरणा देना है।

इस दौरान दर्जा राज्य मंत्री ध्रुव रौतेला और क्षेत्रीय परियोजना अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल गोविंद सिंह कन्याल (अवकाश प्राप्त) मौजूद रहे।