
रुद्रपुर/लालकुआँ – तराई केंद्रीय वन प्रभाग की टांडा रेंज की स्पेशल टीम ने अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के रामपुर जनपद के स्वार क्षेत्र में छापेमारी कर करीब एक लाख रुपये मूल्य की अवैध सागौन की लकड़ी बरामद की है। कार्रवाई के बाद लकड़ी तस्करों में हड़कंप मच गया है, जबकि वन विभाग ने फरार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं।
टांडा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी रूपनारायण गौतम ने बताया कि शुक्रवार सुबह टांडा एवं पीपल पड़ाव रेंज की संयुक्त स्पेशल टीम उनके नेतृत्व में गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि रामपुर जनपद के थाना स्वार क्षेत्र स्थित नन्हे के फड़ पर अवैध रूप से सागौन की लकड़ी संग्रहित की गई है।
सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए वन विभाग की टीम ने मौके पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान करीब आठ गिल्टे सागौन की लकड़ी बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग एक लाख रुपये बताई जा रही है। हालांकि टीम के पहुंचने से पहले ही तस्कर मौके से फरार हो गए।
इस कार्रवाई में वन क्षेत्राधिकारी पी.सी. जोशी, वन दारोगा सुरेंद्र सिंह, वन आरक्षी अनंगपाल, कैलाश सिंह, नरेंद्र कुशवाहा, दिनेश पाठक तथा वाहन चालक अंकित समेत टांडा रेंज की टीम शामिल रही।
वन विभाग ने आरोपियों के विरुद्ध वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि फरार तस्करों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बरामद सागौन की लकड़ी किस वन क्षेत्र से काटकर लाई गई थी और इसके पीछे सक्रिय तस्करी नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
वन विभाग की इस सख्त कार्रवाई को अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वन संपदा की तस्करी में संलिप्त लोगों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

