ग्रामीण भारत महोत्सव में सजा उत्तराखंड का लोक हुनर, ग्रामीण उत्पादों को मिला बड़ा बाजार

हल्द्वानी – काठगोदाम के शीशमहल स्थित रामलीला मैदान में गुरुवार को नाबार्ड के सहयोग से आयोजित पांच दिवसीय ‘ग्रामीण भारत महोत्सव’ का भव्य शुभारंभ हुआ। महोत्सव का उद्घाटन नैनीताल-ऊधम सिंह नगर के सांसद अजय भट्ट ने किया। आयोजन में उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से पहुंचे स्वयं सहायता समूहों, कृषक उत्पादक संगठनों, ग्रामीण उद्यमियों और पारंपरिक शिल्पकारों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया।

महोत्सव में 50 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां नैनीताल के साथ ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ समेत विभिन्न जिलों के ग्रामीण उत्पाद प्रदर्शित और बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। यहां ऐपण कला, जूट के बैग, हस्तनिर्मित टोकरियां, मसाले और जैविक मसाले, घी, अचार, जूस, स्क्वैश, वस्त्र, रेशम उत्पाद, पेंटिंग और सजावटी सामान लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

उद्घाटन अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं की रंगीन झलक प्रस्तुत की। महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ ऐपण कला प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक तथा ग्रामीण उत्पादकों और शिल्पकारों के साथ संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

महोत्सव का उद्देश्य ग्रामीण उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय कला और शिल्प को प्रोत्साहन देना है। इसके माध्यम से स्वयं सहायता समूहों, कृषक उत्पादक संगठनों और ग्रामीण उद्यमियों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे उनकी आजीविका और आय के अवसरों को मजबूती मिल सके।

नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक मुकेश बेलवाल ने विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण किया और समूह सदस्यों, शिल्पकारों एवं ग्रामीण उद्यमियों से बातचीत कर उनके उत्पादों, विपणन व्यवस्था और आजीविका गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि नाबार्ड ग्रामीण उद्यमिता, महिला सशक्तीकरण, स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन और बाजार संपर्क को मजबूत करने के लिए ऐसे आयोजनों को लगातार प्रोत्साहित कर रहा है।

महोत्सव का संपूर्ण व्यय नाबार्ड द्वारा वहन किया जा रहा है, जबकि चेष्टा गैर-सरकारी संस्था को आयोजन की कार्यान्वयन एजेंसी बनाया गया है। आयोजन के जरिए ग्रामीण कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों और कृषक उत्पादक संगठनों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के लिए व्यापक मंच उपलब्ध कराया गया है।

उद्घाटन दिवस पर बड़ी संख्या में लोगों ने महोत्सव का भ्रमण किया और स्थानीय उत्पादों की खरीदारी में रुचि दिखाई। ग्रामीण भारत महोत्सव 7 सितंबर तक आमजन के लिए खुला रहेगा।