
नैनीताल – जनसुनवाई में उठाए गए एक लंबे समय से लंबित विरासत दाखिल-खारिज के मामले का कुमाऊं आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत के हस्तक्षेप से त्वरित निस्तारण हो गया। आयुक्त के निर्देश के बाद तहसील प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ग्राम जंतवालगांव निवासी श्रीमती रेवती देवी के नाम विरासत दर्ज कर दी।
बुधवार को आयोजित जनसुनवाई में ग्राम जंतवालगांव, तहसील एवं जिला नैनीताल निवासी श्रीमती रेवती देवी, पत्नी स्वर्गीय जस राम, ने आयुक्त के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर बताया कि उनके ससुर स्वर्गीय गुमान राम, पुत्र पुन राम, के नाम ग्राम जंतवालगांव के खाता संख्या-03 में भूमि दर्ज है। गुमान राम के निधन के बाद उनके अन्य कोई उत्तराधिकारी नहीं हैं और वह उक्त भूमि को विरासत के आधार पर अपने नाम दर्ज कराना चाहती थीं।
शिकायत में बताया गया कि इस संबंध में मार्च 2026 में तहसील कार्यालय में आवेदन भी प्रस्तुत किया गया था, लेकिन कई महीने बीत जाने के बावजूद दाखिल-खारिज की कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने उसी दिन तहसीलदार नैनीताल को अपने समक्ष तलब किया और शिकायतकर्ता को भी बुलाकर मामले की सुनवाई की। सुनवाई के बाद तहसीलदार ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए श्रीमती रेवती देवी के नाम भूमि का विरासत दाखिल-खारिज दर्ज कर दिया और इसकी जानकारी आयुक्त को उपलब्ध कराई।
प्रशासन ने इसे जनसुनवाई की प्रभावी व्यवस्था का उदाहरण बताते हुए कहा कि समयबद्ध कार्रवाई के माध्यम से आम नागरिकों को त्वरित न्याय दिलाने के प्रयास लगातार जारी हैं।

