हल्द्वानी में जिला स्तरीय कार्यशाला, किसानों को सुरक्षित भंडारण और बेहतर विपणन सुविधा पर जोर

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हल्द्वानी – राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की ओर से भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की महत्वाकांक्षी एवं विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को नैनीताल जिला सहकारी बैंक मुख्यालय, हल्द्वानी में जिला स्तरीय जागरूकता कार्यशाला एवं समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। कार्यशाला में योजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों ने इसके समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समन्वित प्रयास करने का संकल्प लिया।

कार्यशाला में सहायक निबंधक, सहकारी समितियाँ (नैनीताल), नैनीताल जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक, उप महाप्रबंधक, सहकारी विकास प्रकोष्ठ के अधिकारी, बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण समिति (एमपैक्स) कुँवरपुर के प्रबंध निदेशक एवं सचिव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक मुकेश बेलवाल ने योजना के उद्देश्य, क्रियान्वयन प्रक्रिया, वित्तपोषण व्यवस्था तथा विभिन्न संस्थाओं की भूमिका पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक भंडारण अवसंरचना विकसित करना है, ताकि किसानों को अपनी उपज का सुरक्षित भंडारण, उचित समय पर विपणन और बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि इससे सहकारी संस्थाओं के व्यवसाय को भी नई मजबूती मिलेगी।

बैठक के दौरान एमपैक्स कुँवरपुर द्वारा प्रस्तावित 200 मीट्रिक टन क्षमता वाले आधुनिक भंडारण गोदाम की प्रगति की समीक्षा की गई। सहायक निबंधक सहकारी समितियों ने बताया कि गोदाम समिति की स्वयं की भूमि पर बनाया जाएगा तथा इसकी विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) राज्य की नामित संस्था द्वारा तैयार किया गया है। समिति के सचिव श्री नागरकोटी ने बताया कि डीपीआर में आवश्यक संशोधन किए जा रहे हैं और संशोधित प्रतिवेदन आय सृजन संबंधी विवरण के साथ इसी सप्ताह पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा।

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बैठक में जानकारी दी गई कि एमपैक्स कुँवरपुर के पास परियोजना के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। समिति वर्तमान में उर्वरक भंडार, ग्रामीण बचत केंद्र तथा जन औषधि केंद्र का सफलतापूर्वक संचालन कर रही है। समिति के कुल 3,107 सदस्य हैं, जिनमें 1,593 सक्रिय सदस्य शामिल हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में समिति ने 34.65 लाख रुपये का लाभ अर्जित किया तथा 12.63 करोड़ रुपये का कारोबार किया। समिति ने अपने सदस्यों को 10 प्रतिशत लाभांश भी वितरित किया है।

बैठक में प्रस्तावित गोदाम के उपयोग पर चर्चा करते हुए बताया गया कि इसका उपयोग मुख्य रूप से समिति के सदस्यों के गेहूँ एवं धान के सुरक्षित भंडारण के लिए किराये के आधार पर किया जाएगा। इससे किसानों को वैज्ञानिक भंडारण सुविधा उपलब्ध होगी और समिति की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

कार्यशाला के दौरान नाबार्ड के अधिकारियों ने कृषि अवसंरचना कोष (Agriculture Infrastructure Fund) पोर्टल की कार्यप्रणाली, ऋण स्वीकृति एवं वितरण प्रक्रिया, ब्याज अनुदान, ऋण गारंटी तथा कृषि विपणन अवसंरचना योजना के अंतर्गत उपलब्ध अनुदान संबंधी प्रावधानों की भी विस्तृत जानकारी दी। चूँकि नैनीताल जिला सहकारी बैंक इस प्रकार का पहला प्रकरण संसाधित कर रहा है, इसलिए बैंक अधिकारियों ने गिरवी, ऋण गारंटी, अनुदान एवं अन्य तकनीकी विषयों से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनका नाबार्ड के विशेषज्ञों ने विस्तार से समाधान किया।

बैठक के अंत में सभी अधिकारियों ने योजना के सफल एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का संकल्प लिया। नाबार्ड ने भी सभी संबंधित संस्थाओं को आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन एवं सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

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कार्यशाला के समापन पर विश्वास व्यक्त किया गया कि इस महत्वाकांक्षी योजना के सफल क्रियान्वयन से नैनीताल जनपद में आधुनिक भंडारण अवसंरचना विकसित होगी, सहकारी समितियाँ आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त होंगी तथा किसानों को अपनी उपज के सुरक्षित भंडारण, बेहतर विपणन और अधिक आय का लाभ मिलेगा।


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