अस्पतालों में बाहर की दवा लिखने पर डीएम सख्त, मरीजों को अस्पताल से ही मिलेगी दवा

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हल्द्वानी – जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में शुक्रवार को हल्द्वानी कैंप कार्यालय में चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक हुई। बैठक में जिले के प्रमुख अस्पतालों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने, दवाओं एवं उपकरणों की उपलब्धता, स्वच्छता, रखरखाव और आवश्यक निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों को अस्पताल से बाहर की दवाएं न लिखी जाएं और अस्पतालों में आवश्यक जेनरिक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

बैठक में बेस अस्पताल हल्द्वानी, महिला अस्पताल हल्द्वानी, बीडी पांडेय चिकित्सालय नैनीताल और रामनगर अस्पताल के अधिकारियों ने अस्पतालों की आवश्यकताओं एवं व्यवस्थाओं की जानकारी दी। समिति ने विभिन्न अस्पतालों में मरीजों की सुविधाओं से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की।

बीडी पांडेय अस्पताल में बढ़ेंगी सुविधाएं

बीडी पांडेय चिकित्सालय नैनीताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए पांच इनवर्टर खरीदने की अनुमति दी गई। आवश्यक दवाओं और जच्चा-बच्चा संबंधी सामग्री की खरीद को भी स्वीकृति प्रदान की गई। अस्पताल में विभिन्न छोटे मरम्मत कार्यों की अनुमति देने के साथ बड़े निर्माण कार्यों के लिए शासन को डीपीआर तैयार कर भेजने के निर्देश दिए गए।

अस्पताल के लिए छोटी एंबुलेंस खरीदने की अनुमति भी दी गई। स्वीकृत पदों के सापेक्ष आवश्यकतानुसार आउटसोर्स कर्मचारियों की नियमानुसार तैनाती को भी मंजूरी दी गई।

बेस अस्पताल में उपकरण और भवनों पर जोर

सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में स्वीकृत पदों पर तैनाती के लिए शासन को शीघ्र पत्राचार करने के निर्देश दिए गए। पुराने आवासों की मरम्मत और नवनिर्मित भवनों के शीघ्र हस्तांतरण के लिए लंबित कार्य जल्द पूरा करने को कहा गया।

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अस्पताल में इलेक्ट्रिक स्टेबलाइजर और ऑपरेशन थिएटर के आवश्यक उपकरण खरीदने को भी स्वीकृति दी गई। पुरानी देयताओं का भुगतान सीएमओ/पीएमएस स्तर से जांच के बाद करने के निर्देश दिए गए।

महिला अस्पताल में भी होंगे सुधार

महिला चिकित्सालय में शौचालय समेत अन्य निर्माण एवं रखरखाव संबंधी कार्यों पर चर्चा हुई। मरीजों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक लघु निर्माण कार्य कराने और जरूरत के अनुसार आउटसोर्स कर्मचारियों की तैनाती के निर्देश दिए गए।

वहीं रामनगर चिकित्सालय में आईसीयू को शीघ्र संचालित करने सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं जल्द पूरी करने को कहा गया।

अस्पताल से ही मिलेगी जरूरी दवा

बैठक में डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं सभी प्रमुख चिकित्सा अधीक्षकों को सख्त निर्देश दिए कि मरीजों को अनावश्यक रूप से बाहर से दवा न लिखी जाए। उन्होंने अस्पतालों में आवश्यक जेनरिक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने और उनकी नियमित समीक्षा करने को कहा।

उन्होंने कहा कि इलाज के लिए अस्पताल आने वाले मरीजों को दवा खरीदने के लिए बाहर भटकना न पड़े। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।

बरसात में संक्रामक रोगों से निपटने की तैयारी

बरसात के मौसम में संभावित संक्रामक रोगों को देखते हुए डीएम ने अस्पतालों में आवश्यक दवाएं, उपकरण और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पतालों की स्वच्छता, चिकित्सा उपकरणों के रखरखाव और अन्य व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी पर जोर दिया।

डीएम ने कहा कि मरीजों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। अस्पतालों में सामने आने वाली कमियों को तत्काल दूर किया जाए और मरीजों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो।

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बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष नैनीताल डॉ. सरस्वती खेतवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत, पीएमएस डॉ. द्रोपदी गर्ब्याल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक रामनगर डॉ. तपन कुमार शर्मा, एसटीओ कोषागार डीके अन्नू, सुभाष चंद्र समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।


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