
नैनीताल – डिविजन के मनोरा रेंज में पिछले करीब 30 घंटे से जंगलों में लगी आग लगातार फैलती जा रही है। वनाग्नि के कारण वन संपदा को भारी नुकसान पहुंच रहा है, वहीं कई क्षेत्रों में आबादी तक आग पहुंचने का खतरा भी बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार रविवार सुबह बल्दियाखान क्षेत्र से सटे नैनागांव के जंगलों में आग लगने की सूचना मिली थी। बताया जा रहा है कि आग धीरे-धीरे फैलते हुए बल्दियाखान और फिर पटवाडांगर क्षेत्र तक पहुंच गई। सूचना के बाद वन विभाग और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया।
वन विभाग के अनुसार कई स्थानों पर घंटों की मशक्कत के बाद आग पर आंशिक रूप से काबू पाया गया, लेकिन सोमवार को तेज हवा के कारण आग ने फिर विकराल रूप ले लिया। दमकल विभाग के कई फायर टेंडर पूरे दिन आग बुझाने में जुटे रहे। देर शाम तक भी कई क्षेत्रों में आग धधकती रही।
डीएफओ आकाश गंगवार ने बताया कि वन विभाग और दमकल की टीमें लगातार आग बुझाने में लगी हुई हैं। साथ ही आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और आग लगाने वालों की जानकारी जुटाई जा रही है।
उधर ज्योलीकोट घाटी क्षेत्र में भी वनाग्नि के कारण चारों ओर धुएं का गुबार छाया रहा। बल्दियाखान के आरुखान, बसगांव और चोपड़ा से लगे जंगलों में भी आग फैलने से वन विभाग की टीमें लगातार निगरानी और राहत कार्य में जुटी हुई हैं। रेंज अधिकारी नितिन पंत ने बताया कि आग पर नियंत्रण पाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
वहीं भीमताल क्षेत्र के सौनगांव जंगल में लगी आग से भी वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है। रविवार रात लगी आग को आबादी क्षेत्र की ओर बढ़ता देख ग्राम प्रधान मुकेश पलड़िया ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। हालांकि तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती चली गई।
सोमवार को वन विभाग और ग्रामीणों की मदद से आग पर कुछ हद तक नियंत्रण पाया गया, लेकिन शाम होते-होते आग ने दोबारा विकराल रूप ले लिया। ग्राम प्रधान ने बताया कि देर रात तक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका था।
इसके अलावा बेतालघाट क्षेत्र के जंगलों में भी आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे वन संपदा को नुकसान पहुंचने की सूचना है।
