स्वर्गीय गिरिजा शंकर जोशी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि, मुख्यमंत्री बोले- सरकार परिवार के साथ

हल्द्वानी – जिला सूचना अधिकारी स्वर्गीय गिरिजा शंकर जोशी के निधन पर सोमवार को मीडिया सेंटर हल्द्वानी में शोकसभा आयोजित की गई। शोकसभा को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दूरभाष के माध्यम से संबोधित करते हुए स्वर्गीय जोशी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि गिरिजा शंकर जोशी को इस तरह श्रद्धांजलि देनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि जोशी हमेशा जिम्मेदारी के साथ खड़े रहने और निरंतर काम करने वाले व्यक्ति थे। उनका इस तरह असमय चले जाना बेहद दुखद और व्यक्तिगत रूप से भी उनके लिए बड़ी पीड़ा का विषय है।

उन्होंने कहा कि स्वर्गीय गिरिजा शंकर जोशी का निधन सभी के लिए अपूरणीय क्षति है। भले ही वह आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन अपने कार्यों, व्यवहार और सहज व्यक्तित्व से उन्होंने जो पहचान बनाई, वह लंबे समय तक स्मरण में रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार दुख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ी है और भविष्य में भी परिवार को हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय जोशी के नाम और उनके कार्यों को आने वाली पीढ़ियों तक स्मरणीय बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर विचार किया जाएगा।

नए मीडिया सेंटर के नामकरण का प्रस्ताव

श्रद्धांजलि सभा के दौरान उपस्थित पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से सामूहिक रूप से प्रस्ताव रखा कि हल्द्वानी में निर्माणाधीन नवीन मीडिया सेंटर का नाम स्वर्गीय गिरिजा शंकर जोशी के नाम पर रखा जाए।

मुख्यमंत्री धामी ने प्रस्ताव पर सकारात्मक आश्वासन देते हुए कहा कि स्वर्गीय जोशी की स्मृतियों और उनके अच्छे कार्यों को लंबे समय तक यादगार बनाए रखने के लिए सभी संबंधित लोगों से विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।

शोकसभा में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी, दर्जा राज्य मंत्री ध्रुव रौतेला, मीडिया कोऑर्डिनेटर कमलेश भट्ट, अपर जिलाधिकारी विवेक राय, उपजिलाधिकारी रेखा कोहली, कोषाधिकारी द्वारिका प्रसाद वर्मा, सूचना अधिकारी मीडिया सेंटर अहमद नदीम समेत बड़ी संख्या में पत्रकार, सूचना विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।