
हल्द्वानी – उत्तराखंड के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत शुक्रवार को एमबीपीजी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। जिला सेवायोजन कार्यालय नैनीताल के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं को जापान और जर्मनी में रोजगार की संभावनाओं, प्रशिक्षण प्रक्रिया और पात्रता की जानकारी दी गई। कार्यशाला में कुल 132 अभ्यर्थियों और अभिभावकों ने प्रतिभाग किया।
जिलाधिकारी नैनीताल के निर्देशों के क्रम में आयोजित कार्यशाला में जिला सेवायोजन अधिकारी और विभागीय विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को योजना की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि योजना का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के लिए तैयार करना और उन्हें विदेश में काम करने के अवसर उपलब्ध कराना है।
6 से 8 माह का मिलेगा भाषा और व्यावसायिक प्रशिक्षण
अधिकारियों के अनुसार, योजना के तहत चयनित युवाओं को जापानी या जर्मन भाषा का छह से आठ माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही संबंधित क्षेत्र में व्यावसायिक कौशल, साक्षात्कार की तैयारी और विदेशी संस्कृति के अनुरूप कार्य करने का प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क होगा और विभाग की ओर से आवासीय सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
जापान में केयर गिवर, हॉस्पिटैलिटी और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाओं की जानकारी दी गई। वहीं, जर्मनी में नर्सिंग, हेल्थ केयर और कुशल तकनीकी कार्यों में उपलब्ध अवसरों के बारे में बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि आवश्यक भाषा दक्षता और कौशल हासिल करने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को विदेश में रोजगार के लिए प्रायोजित किया जाएगा।
18 से 35 वर्ष के युवा होंगे पात्र
योजना के तहत उत्तराखंड के स्थायी निवासी 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के इच्छुक युवा आवेदन कर सकते हैं। शैक्षिक योग्यता संबंधित ट्रेड के अनुसार 12वीं, स्नातक, जीएनएम, एएनएम, आईटीआई या डिप्लोमा निर्धारित की गई है।
चयनित अभ्यर्थियों को जापान के लिए जापानी भाषा के एन-4 स्तर तथा जर्मनी के लिए निर्धारित जर्मन भाषा स्तर का गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। भाषा प्रशिक्षण के साथ व्यावसायिक दक्षता, इंटरव्यू और सांस्कृतिक अनुकूलन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
युवाओं ने पूछे सवाल, बड़ी संख्या में कराया पंजीकरण
कार्यशाला के दौरान छात्र-छात्राओं ने विदेश में रोजगार, प्रशिक्षण, चयन प्रक्रिया और पात्रता से संबंधित सवाल पूछे। विभागीय अधिकारियों ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने अपना पंजीकरण भी कराया।
अधिकारियों ने युवाओं से योजना का लाभ उठाने और वैश्विक रोजगार के लिए आवश्यक भाषा एवं व्यावसायिक कौशल हासिल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल से प्रदेश के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार में अपनी योग्यता के अनुरूप अवसर प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
अधिकारी और प्राध्यापक रहे मौजूद
कार्यशाला में जिला सेवायोजन अधिकारी प्रियंका गढ़िया, एमबीपीजी कॉलेज के प्राचार्य एनएस बनकोटी, प्रोफेसर डॉ. संजीव कुमार, खजान पाठक, गोविंद सिंह बिष्ट, प्रमेश कुमार, बीना कांडपाल, रक्षित जोशी, प्रकाश सनवाल, शंकर लाल सहित सेवायोजन कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी, महाविद्यालय के प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

