उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले जनगणना की तैयारी तेज, सितंबर से हिमाच्छादित क्षेत्रों में होगी शुरुआत

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देहरादून – उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले जनगणना कराने की तैयारियां तेज हो गई हैं। जनगणना निदेशालय ने हिमाच्छादित क्षेत्रों में सितंबर माह से जनगणना शुरू करने की योजना बनाई है। हालांकि अंतिम कार्यक्रम भारत के महारजिस्ट्रार कार्यालय की आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही तय होगा, लेकिन विभागीय स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

जनगणना के पहले चरण में मकान गणना पूरी होने के बाद अब दूसरे चरण के तहत रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी जिलों के हिमाच्छादित क्षेत्रों में 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक जनसंख्या गणना की जाएगी। इस दौरान 131 गांवों के साथ केदारनाथ, बदरीनाथ और गंगोत्री जैसे तीन विशेष निकायों को भी शामिल किया जाएगा। इन क्षेत्रों की अनुमानित आबादी करीब 52 हजार है।

जनगणना कार्यक्रम के अनुसार 17 अगस्त से 31 अगस्त तक स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की प्रक्रिया चलेगी, जबकि 1 सितंबर से 30 सितंबर तक घर-घर जाकर वास्तविक जनगणना की जाएगी। इसके बाद 1 से 5 अक्टूबर तक रिवीजनल राउंड आयोजित होगा और 1 अक्टूबर को संदर्भ तिथि (Reference Date) माना जाएगा।

सूत्रों के अनुसार देशभर में सामान्य जनगणना अगले वर्ष 9 फरवरी से 28 फरवरी के बीच प्रस्तावित है, लेकिन उत्तराखंड में इसी अवधि में विधानसभा चुनाव संभावित होने के कारण राज्य में जनगणना नवंबर-दिसंबर 2026 में कराई जा सकती है। यदि ऐसा होता है तो उत्तराखंड देश का पहला राज्य होगा, जहां अन्य राज्यों से पहले जनगणना पूरी होगी।

निदेशक जनगणना इवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से होगी। इसके लिए आधिकारिक सेंसस मोबाइल ऐप का उपयोग किया जाएगा और गणनाकर्मी घर-घर जाकर मोबाइल एप के जरिए जानकारी दर्ज करेंगे।

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विभाग ने हरिद्वार में जनगणना का ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। ट्रायल के दौरान करीब 40 प्रश्न शामिल किए गए थे, हालांकि अंतिम प्रश्नावली भारत सरकार की अधिसूचना जारी होने के बाद ही तय होगी।


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