प्रधानमंत्री मोदी ने सीमांत गांवों के युवाओं से किया सीधा संवाद, विकसित भारत के विजन पर हुई चर्चा

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नैनीताल – विकसित भारत @2047 के संकल्प को साकार करने और सीमांत क्षेत्रों के विकास में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम (VVVP)’ के प्रतिभागियों के साथ द्विपक्षीय वर्चुअल संवाद किया। इस दौरान देश के 245 जनपदों से चयनित 403 युवा प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और सीमावर्ती गांवों के विकास, राष्ट्र निर्माण तथा युवा शक्ति की भूमिका पर विचार-विमर्श किया।

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के माय भारत के तत्वावधान में आयोजित इस संवाद में जनपद नैनीताल का प्रतिनिधित्व युवराज सिंह और पीयूष हरबोला ने किया। दोनों प्रतिभागियों ने जिला कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सेंटर से वर्चुअल माध्यम से प्रधानमंत्री से जुड़कर कार्यक्रम में सहभागिता की। इस अवसर पर माय भारत के 20 पंजीकृत स्वयंसेवक भी मौजूद रहे।

गौरतलब है कि विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम का आयोजन 3 जून से 30 जून 2026 तक उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के सीमावर्ती गांवों में किया गया था। कार्यक्रम के दौरान युवा प्रतिभागियों ने स्थानीय परिवारों के साथ रहकर ग्राम सभाओं में हिस्सा लिया, ग्राम सर्वेक्षण किया तथा सामुदायिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए सीमांत क्षेत्रों की सामाजिक, सांस्कृतिक और विकास संबंधी आवश्यकताओं को नजदीक से समझा।

वर्चुअल संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने प्रतिभागियों के अनुभवों को सुना और सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास में युवाओं की सक्रिय भूमिका पर बल दिया। उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवा शक्ति के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में जिला प्रशासन नैनीताल, माय भारत तथा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संवाद के उपरांत प्रतिभागियों और स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम को प्रेरणादायी बताते हुए सीमांत गांवों के विकास, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।

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