
हल्द्वानी – लाइन नंबर-15 में 17 अगस्त को बिजली के करंट की चपेट में आने से मोहम्मद नदीम और उनकी 13 वर्षीय बेटी की दर्दनाक मौत का मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि उसी स्थान पर एक बार फिर करंट उतरने की घटना सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। बुधवार को इसी विद्युत पोल के संपर्क में आने से दो बकरियां करंट की चपेट में आते-आते बच गईं। इसके कुछ देर बाद एक कुत्ता भी पोल के आसपास करंट की चपेट में आने से बाल-बाल बच गया।
लगातार दूसरी बार सामने आई इस घटना से स्थानीय लोगों में विद्युत विभाग के खिलाफ नाराजगी बढ़ गई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए और विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए तत्काल सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की।
स्थानीय लोगों के अनुसार, 17 अगस्त को इसी क्षेत्र में करंट की चपेट में आने से मोहम्मद नदीम और उनकी 13 वर्षीय बेटी की जान चली गई थी। इस दर्दनाक हादसे के बाद उम्मीद थी कि विभाग द्वारा क्षेत्र के विद्युत पोल, तारों और अन्य विद्युत उपकरणों की गहन जांच कराकर संभावित खतरे को पूरी तरह समाप्त किया जाएगा। लेकिन कुछ ही दिनों बाद उसी पोल में दोबारा करंट उतरने की घटना ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
मामले की सूचना मिलने पर विद्युत विभाग के जेई मौके पर पहुंचे और पोल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि पोल के एक हिस्से से विद्युत तार टच हो रहा था, जिसके चलते पोल में करंट उतरने की स्थिति बनी। विभागीय टीम ने मौके की स्थिति का जायजा लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की जानकारी दी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्युत पोल सार्वजनिक स्थान पर लगा है और उसके आसपास लोगों के साथ-साथ पशुओं की भी आवाजाही रहती है। ऐसे में पोल में करंट उतरना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है। लोगों ने कहा कि यदि समय रहते समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो कभी भी कोई राहगीर, बच्चा या पशु इसकी चपेट में आ सकता है।
लोगों ने विद्युत विभाग से मांग की है कि लाइन नंबर-15 सहित आसपास के पूरे क्षेत्र में लगे विद्युत पोलों और तारों की तत्काल जांच कराई जाए। जहां भी तार पोल से संपर्क में हैं या किसी अन्य कारण से करंट उतरने की आशंका है, वहां तत्काल तकनीकी सुधार कराया जाए। साथ ही खतरनाक पोलों को चिन्हित कर उन्हें सुरक्षित बनाने की व्यवस्था की जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि 17 अगस्त की घटना के बाद दोबारा उसी पोल में करंट आना गंभीर विषय है। लोगों ने विभाग से मामले की जिम्मेदारी तय करने और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी इंतजाम करने की मांग की है। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी कि यदि विद्युत व्यवस्था को जल्द दुरुस्त नहीं किया गया तो किसी बड़े हादसे की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।

