
देहरादून – उत्तराखंड शासन के खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने 20 मई 2026 को प्रस्तावित एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी बंद को लेकर महत्वपूर्ण पत्र जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि दवा व्यवसाय और स्वास्थ्य सेवाएं “आवश्यक सेवाओं” की श्रेणी में आती हैं, इसलिए इनके बंद होने से आम जनता और मरीजों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

अपर आयुक्त ताजबर सिंह द्वारा जारी पत्र में उत्तरांचल औषधि व्यवसाय महासंघ के अध्यक्ष को संबोधित करते हुए कहा गया है कि संगठन द्वारा बंद के समर्थन और हस्तक्षेप को लेकर भेजे गए पत्र का संज्ञान लिया गया है। हालांकि वर्तमान परिस्थितियों और जनहित को देखते हुए दवा कारोबारियों से अपील की गई है कि वे 20 मई को अपनी सेवाएं सुचारु रूप से जारी रखें।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि दवा दुकानों और मेडिकल सेवाओं के बंद होने से जन स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसी कारण शासन ने व्यापारियों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए जनता को राहत देने का आग्रह किया है।
इसके साथ ही विभाग ने आश्वासन दिया है कि दवा व्यापारियों द्वारा उठाई गई मांगों और समस्याओं का विस्तृत परीक्षण कर उन्हें उच्च स्तर पर भेजा जाएगा। पूर्व में ऑनलाइन सेल से जुड़े मामलों में भी शासन स्तर पर कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई है।
सरकार के इस पत्र के बाद अब माना जा रहा है कि उत्तराखंड में मेडिकल स्टोर और दवा सेवाएं 20 मई के बंद के दौरान सामान्य रूप से संचालित रह सकती हैं, जिससे मरीजों और आम लोगों को राहत मिलने की संभावना है।
