
हल्द्वानी – आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित बच्चों की शिक्षा को मजबूती देने की दिशा में धात संस्था (Development of Hidden And Amateur Talent-DHAAT) ने सराहनीय पहल करते हुए ‘मिशन अभिभावक’ अभियान के तहत राजकीय प्राथमिक विद्यालय, प्रेमपुर लोशज्ञानी में अध्ययनरत करीब 265 छात्र-छात्राओं को कॉपी, पेन एवं अन्य आवश्यक लेखन सामग्री निःशुल्क वितरित की। शैक्षिक सामग्री मिलने पर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
कार्यक्रम में बच्चों के साथ उनके अभिभावकों, स्थानीय नागरिकों एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोगों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। संस्था के संस्थापक रवि कांत राजू ने कहा कि धात संस्था पिछले 11 वर्षों से शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, प्रतिभा संवर्धन और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने समाज के जागरूक नागरिकों से ‘मिशन अभिभावक’ से जुड़कर जरूरतमंद बच्चों के भविष्य निर्माण में सहयोग देने का आह्वान किया।
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अरुणा पाठक ने संस्था के सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए विद्यालय को अभियान के लिए चयनित करने पर आभार जताया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि क्षेत्रीय पंचायत सदस्य ज्योति आर्या तथा विशिष्ट अतिथि ग्राम प्रधान गंगा देवी ने धात संस्था की पहल को जनहितकारी बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से अभियान से जुड़ने की अपील की।
अति विशिष्ट अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी तारा सिंह सरकारी कार्य के चलते कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके। उन्होंने बच्चों के लिए संदेश भेजते हुए मन लगाकर पढ़ाई करने, अनुशासन एवं संस्कारों को अपनाने तथा अपने माता-पिता, गुरुजनों, विद्यालय और समाज का नाम रोशन करने का संदेश दिया।
इस अवसर पर संस्था के मार्गदर्शक डॉ. सुनील सिंह, ई. अनुज गुप्ता, दिनेश कुमार, निश्चय, मिथुन जायसवाल, जय प्रकाश नारायण तथा जागृति मंच की आशा वर्मा समेत अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। वक्ताओं ने संस्था के सामाजिक सरोकारों की सराहना करते हुए भविष्य में भी सहयोग का भरोसा दिलाया।
संस्था के कार्यकारी सचिव ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने संस्था के अभियान को निरंतर सहयोग प्रदान करने वाले दानदाताओं के प्रति विशेष कृतज्ञता जताई।
कार्यक्रम के अंत में बच्चों को लेखन सामग्री के साथ मिष्ठान का वितरण भी किया गया। अभिभावकों ने धात संस्था का आभार जताते हुए जरूरतमंद विद्यार्थियों को भविष्य में भी शैक्षिक सामग्री उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
धात संस्था की यह पहल शिक्षा से वंचित एवं जरूरतमंद बच्चों तक शैक्षिक संसाधन पहुंचाने के साथ-साथ समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम के रूप में सामने आई।

