
खटीमा – उत्तराखंड की जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं और कला को समर्पित तीन दिवसीय उत्तराखंड आदि रंगोत्सव का रविवार को खटीमा में भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में मुख्य चौराहे से नवीन सब्जी मंडी तक भव्य रोड शो निकाला गया। रोड शो में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, जुएल ओराम, सांसद अजय भट्ट, अजय टम्टा समेत भाजपा के कई नेता शामिल हुए।
पीलीभीत मार्ग पर जगह-जगह स्थानीय नागरिकों और विभिन्न सांस्कृतिक दलों ने पारंपरिक वेशभूषा में लोकनृत्य प्रस्तुत कर रोड शो का स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों और लोक संस्कृति की प्रस्तुतियों से पूरा शहर उत्सव के रंग में रंगा नजर आया। मुख्यमंत्री ने रास्ते में उमड़े लोगों का अभिवादन स्वीकार किया और क्षेत्रवासियों का आभार जताया।
इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्ज्वलित कर तीन दिवसीय आदि रंगोत्सव का शुभारंभ किया।
जनजातीय गौरव और संस्कृति का प्रतीक है आदि रंगोत्सव : धामी
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आदि रंगोत्सव प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और जनजातीय समाज के गौरव का प्रतीक पर्व है। राज्य सरकार जनजातीय समाज को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं से जोड़कर सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम और किरेन रिजिजू से पिथौरागढ़ में आवासीय एकलव्य विद्यालय स्थापित करने का अनुरोध किया। साथ ही खटीमा स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय के आधुनिकीकरण के लिए 10 करोड़ रुपये की घोषणा किए जाने पर केंद्र सरकार का आभार जताया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल आवास योजना में आय सीमा को व्यावहारिक बनाने के साथ निर्माण लागत में वृद्धि की गई है। ऊधमसिंह नगर में इसके तहत तीन करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई है। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत पहले चरण में 824 और दूसरे चरण में 101 आवास बनाए जा चुके हैं।
बाजपुर में 100 बेड का छात्रावास
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाजपुर में 100 बेड का बालक छात्रावास बनाया जा रहा है। 16 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से आश्रम पद्धति विद्यालय का निर्माण किया जा रहा है, जबकि बालिका छात्रावास के लिए चार करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। थारू राजकीय इंटर कॉलेज का सौंदर्यीकरण और आधुनिकीकरण भी कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से जनजातीय समाज को रोजगार और प्रशिक्षण देने के साथ उनके उत्पादों को बाजार से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत वर्ष 2020 से 2025 तक 10 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाएं धरातल पर उतारी गई हैं।
जनजातीय संस्कृति ने उत्तराखंड को दी अलग पहचान : रिजिजू
केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने उत्तराखंड की जनजातीय विविधता और समृद्ध संस्कृति की सराहना की। उन्होंने कहा कि थारू, बोक्सा, जौनसारी और राजी समेत विभिन्न जनजातियों की परंपराएं और संस्कृति उत्तराखंड को विशिष्ट पहचान देती हैं।
रिजिजू ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं, सुरंग दुर्घटनाओं और भूस्खलन जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में मुख्यमंत्री ने कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद जनजातीय समाज के कल्याण और उसकी पहचान को नई दिशा मिली है। भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिवस को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत और पीएम-जनमन जैसी योजनाओं के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों तक विकास पहुंचाया जा रहा है।
रिजिजू ने जनजातीय समाज से अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को सहेजते हुए वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
खटीमा के एकलव्य विद्यालय पर खर्च होंगे 10 करोड़
केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से खटीमा में एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल स्थापित हुआ है। विद्यालय के विस्तार और सुविधाओं के लिए केंद्र सरकार करीब 10 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
उन्होंने बताया कि चार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले हॉस्टल का टेंडर हो चुका है और जल्द निर्माण शुरू होने की बात कही। विद्यालय में 240 छात्र और 240 छात्राओं समेत कुल 480 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त करेंगे।
ओराम ने खटीमा के एकलव्य विद्यालय के शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम की सराहना करते हुए बाजपुर, चकराता और कालसी के विद्यालयों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
देशभर की जनजातीय संस्कृति का संगम
आदि रंगोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों की जनजातीय संस्कृति और लोक परंपराओं की झलक देखने को मिली। राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, मिजोरम और उत्तर प्रदेश से पहुंचे कलाकारों ने लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी कलाकारों के साथ थिरके और ढोल बजाया। पीलीभीत मार्ग पर आयोजित कार्यक्रम में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी। जनजातीय उत्पादों के स्टॉलों पर भी लोगों ने खरीदारी की, जबकि सेल्फी प्वाइंट आकर्षण का केंद्र बना रहा।
‘हनुमान अंश’ फिल्म के कलाकार सम्मानित
मुख्यमंत्री ने ‘हनुमान अंश’ फिल्म के कलाकारों को मंच पर शुभकामनाएं दीं और पौधा, हनुमान जी की गदा तथा नीम करौली बाबा की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और जुएल ओराम को भी पौधा एवं महाराणा प्रताप की प्रतिमा भेंट की गई।
मुख्यमंत्री ने खटीमा के अंजनिया गांव निवासी बीएसएफ जवान मोहन सिंह राणा और चारूबेटा निवासी तिला सेन को माउंट एवरेस्ट फतह करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि दोनों की उपलब्धि से थारू समाज के साथ पूरे उत्तराखंड का मान बढ़ा है।

