
नैनीताल – राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत सेवाएं दे रहे वाहन स्वामियों को तीन माह से वाहन किराया नहीं मिलने की शिकायत पर कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी नैनीताल को तत्काल भुगतान सुनिश्चित कराने तथा भुगतान में लापरवाही होने पर संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
ज्योलिकोट निवासी वाहन स्वामी मनीष कुमार ने कुमाऊं आयुक्त को दिए शिकायती पत्र में बताया कि वह वाहन संख्या यूके-04 टीबी-8828 के माध्यम से आरबीएसके की भीमताल टीम-2 में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम का संचालन कर रहे ठेकेदार द्वारा पिछले तीन माह से वाहन का मासिक किराया नहीं दिया गया है। शिकायत में उन्होंने बताया कि वाहन की किस्त और परिवार का भरण-पोषण इसी आय पर निर्भर है, लेकिन भुगतान न होने से उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
मामले का संज्ञान लेते हुए गुरुवार को आयुक्त दीपक रावत ने शिकायतकर्ता मनीष कुमार, वाहन स्वामी हरीश चन्द्र तिवारी, संबंधित ठेकेदार तथा अपर मुख्य चिकित्साधिकारी नैनीताल को कार्यालय में बुलाकर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि वाहन स्वामियों द्वारा एमओआईसी से सत्यापित लॉग बुक पूर्व में ही ठेकेदार को उपलब्ध करा दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद अब तक मासिक किराए का भुगतान नहीं किया गया।
आयुक्त ने मुख्य चिकित्साधिकारी नैनीताल को निर्देश दिए कि जनपद में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत कार्यरत सभी वाहन स्वामियों के भुगतान की तत्काल समीक्षा की जाए तथा संबंधित ठेकेदार के माध्यम से उनका बकाया किराया शीघ्र दिलाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ठेकेदार भुगतान करने में विफल रहता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाए।
इसके साथ ही कुमाऊं आयुक्त ने मंडल के सभी जिलाधिकारियों को भी निर्देश जारी करते हुए कहा कि अपने-अपने जनपदों में आरबीएसके के अंतर्गत कार्यरत वाहन स्वामियों के मासिक किराये की स्थिति की समीक्षा कराएं तथा संबंधित ठेकेदारों के माध्यम से समय पर भुगतान सुनिश्चित कराया जाए।

