लालकुआँ में प्याऊ बने मज़ाक! आठ मटके खाली—प्यासे राहगीर, स्टेशन के बाहर कूड़े का अंबार, नगर पंचायत बेखबर

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लालकुआँ – (ज़फर अंसारी) रेलवे स्टेशन क्षेत्र में प्याऊ व्यवस्था को लेकर स्थानीय नागरिकों ने चिंता जताई है। स्टेशन के मुख्य द्वार के पास लगाए गए आठों मटके खाली पड़े मिले, जिससे राहगीरों और यात्रियों को पीने के पानी के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

नागरिकों का कहना है कि नगर पंचायत द्वारा प्याऊ की स्थापना तो कर दी गई, लेकिन नियमित रूप से पानी भरने और रखरखाव की व्यवस्था नहीं की गई। जहां प्याऊ लगाए गए हैं, वहीं आसपास कूड़े के ढेर दिखाई दे रहे हैं और पास से गुजर रहा नाला भी गंदगी से भरा पड़ा है, जिससे यात्रियों को असुविधा हो रही है।

यह भी उल्लेखनीय है कि लालकुआँ शहर व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। गौला खनन और लकड़ी व्यापार के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग रेलवे स्टेशन का उपयोग करते हैं। इसी को देखते हुए नगर पंचायत द्वारा स्टेशन गेट के पास प्याऊ लगाकर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की बात कही गई थी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ समय पहले यहां इलेक्ट्रॉनिक वाटर कूलर उपलब्ध थे, जिनसे ठंडा और स्वच्छ जल मिलता था। लेकिन इस बार इनकी जगह साधारण मटके लगाए गए, जो वर्तमान में सूखे पड़े हैं और अपनी उपयोगिता साबित नहीं कर पा रहे हैं।

निवासियों ने स्टेशन क्षेत्र में साफ-सफाई को लेकर भी असंतोष व्यक्त किया। लोगों का कहना है कि कूड़े से भरी सड़कों पर चलना यात्रियों के लिए मुश्किल हो गया है, जबकि क्षेत्र की साफ-सफाई और प्याऊ में पानी उपलब्ध कराना जिम्मेदार विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।

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स्थानीय नागरिकों ने नगर पंचायत से स्टेशन क्षेत्र की सफाई व्यवस्था में सुधार करने और प्याऊ में 24 घंटे स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि यात्रियों और राहगीरों को राहत मिल सके।


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