
हल्द्वानी डकैती का मास्टरमाइंड यश सिडाना समेत चार आरोपी गिरफ्तार, हथियार और लूटी रकम बरामद
तीन दिन में पुलिस ने सुलझाई लाखों की डकैती की गुत्थी, दिल्ली से किच्छा तक दबिश देकर दबोचे आरोपी
हल्द्वानी – गोरापड़ाव-तीनपानी क्षेत्र में हथियारों के बल पर हुई लाखों रुपये की डकैती के मामले में नैनीताल पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देश पर गठित करीब 50 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए घटना के कथित मास्टरमाइंड यश सिडाना समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले पुलिस इस मामले में दो अन्य आरोपियों वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू और रखवीर सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त क्रेटा और स्कॉर्पियो वाहन, चार अवैध तमंचे, सात जिंदा कारतूस और 18 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस और 3/25 आर्म्स एक्ट की बढ़ोतरी की गई है।
19 अगस्त की शाम हुई थी डकैती
19 अगस्त 2026 की शाम डायल-112 के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली थी कि हल्द्वानी कोतवाली क्षेत्र के गोरापड़ाव में 10-12 हथियारबंद बदमाशों ने लूटपाट की है। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा। मामले में नारायण दास पुत्र रोशन लाल, निवासी अंबा बिहार, तीनपानी हल्द्वानी की तहरीर पर कोतवाली हल्द्वानी में मुकदमा संख्या 284/26, धारा 310(2) बीएनएस के तहत 10 अज्ञात हथियारबंद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
वादी के अनुसार बदमाशों ने उसके कार्यालय/गैराज में धावा बोलकर करीब आठ लाख रुपये, 12 मोबाइल फोन, तीन सोने की चेन, अंगूठियां और अन्य सामान लूट लिया था।
एसएसपी नैनीताल ने गठित की थी 50 सदस्यीय विशेष टीम
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने तत्काल करीब 50 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की विशेष टीम गठित की। टीम में एसपी क्राइम/ट्रैफिक डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी हल्द्वानी मनोज कत्याल, अपर पुलिस अधीक्षक/सीओ हल्द्वानी अमित कुमार सैनी सहित विभिन्न थाना प्रभारियों, एसओजी, साइबर टीम, क्राइम विशेषज्ञ, बीडीएस डॉग स्क्वायड और क्राइम सीन विशेषज्ञों को शामिल किया गया।
एसएसपी नैनीताल ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण कर पुलिस टीमों को अलग-अलग टास्क सौंपे। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ सर्विलांस की मदद से आरोपियों की पहचान और उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई।
दिल्ली से किच्छा तक दबिश
पुलिस जांच में सामने आए आरोपियों में से वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू और रखवीर सिंह को 21 अगस्त को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इसके बाद फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों ने उत्तराखंड के साथ-साथ दूसरे राज्यों में भी दबिश दी।
पुलिस के मुताबिक अमनदीप सिंह और शिवराज सिंह को 22 अगस्त को डीएनडी फ्लाईओवर, जैतपुर मोड़, नई दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। वहीं यश सिडाना को 23 अगस्त को हल्द्वानी से तथा अफजल मलिक को 23 अगस्त को किच्छा से गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों के कब्जे से यह बरामद
यश सिडाना के कब्जे से यूके-06 बीई-9091 नंबर की क्रेटा कार, एक 315 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए।
अमनदीप सिंह से डीएल-1सीए-1984 नंबर की स्कॉर्पियो, एक 315 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस मिले।
शिवराज सिंह के कब्जे से एक 315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।
अफजल मलिक से 18 हजार रुपये नकद, एक 12 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पूछताछ में घटना में संलिप्तता कबूली
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने डकैती की घटना में शामिल होना स्वीकार किया है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश और लूटी गई शेष रकम व सामान की बरामदगी के लिए भी जांच आगे बढ़ा रही है।
गिरफ्तार आरोपी यश सिडाना का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास सामने आया है। उसके खिलाफ किच्छा थाने में वर्ष 2022 में मारपीट, रास्ता रोकने, गाली-गलौज और धमकी देने से संबंधित मुकदमा दर्ज बताया गया है। अन्य आरोपियों का आपराधिक इतिहास पुलिस द्वारा खंगाला जा रहा है।
पुलिस टीम को 2500 रुपये का इनाम
डकैती की घटना का तेजी से खुलासा करने और आरोपियों की गिरफ्तारी पर एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने पुलिस टीम का उत्साहवर्धन करते हुए 2500 रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया है। पुलिस का कहना है कि मामले में फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटे गए सामान की बरामदगी के प्रयास लगातार जारी हैं।

