
नैनीताल – मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए जिला प्रशासन ने अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने लोक निर्माण विभाग (लोनिवि), राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अधिकारियों को सभी क्षतिग्रस्त मार्गों की समयबद्ध मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा है। डीएम ने स्पष्ट किया कि सड़क मरम्मत में गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने 13 अक्टूबर को आयोजित समीक्षा बैठक में मानसून से क्षतिग्रस्त सड़कों को निर्धारित समय-सीमा में गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए थे। इसके अनुपालन में जिले के संबंधित विभागों को मरम्मत कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा गया है।
जहां गड्ढे नहीं भरे, वहां तत्काल शुरू हो काम
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन सड़कों पर अभी तक गड्ढों की मरम्मत नहीं हुई है, वहां तत्काल काम शुरू कराया जाए। जिन मार्गों पर पहले गड्ढे भरे जा चुके हैं, लेकिन मरम्मत की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं है, उन्हें दोबारा ठीक कराया जाए। उन्होंने कहा कि मरम्मत ऐसी होनी चाहिए, जिससे सड़कों की स्थिति में स्थायी सुधार हो सके।
गुणवत्ता में कमी मिली तो होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने कहा कि सड़कें आमजन की सुरक्षित और सुगम आवाजाही का प्रमुख माध्यम हैं। सड़कों पर गड्ढों के कारण लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए विभागीय अधिकारियों को गंभीरता से काम करना होगा। मरम्मत के दौरान तकनीकी मानकों का पालन और गुणवत्ता सुनिश्चित करना अनिवार्य है।
नियमित निरीक्षण कर तय करें जवाबदेही
डीएम ने लोनिवि, राष्ट्रीय राजमार्ग और पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में सड़कों का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त मार्गों को चिह्नित करने और मरम्मत कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों में अनावश्यक देरी, लापरवाही या गुणवत्ता में कमी मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने दोहराया कि जिले में सड़क मरम्मत के सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

