
देहरादून – करवा चौथ के पावन अवसर पर राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा उत्तराखंड (NOPRUF) के आह्वान पर प्रदेशभर की महिलाओं ने अनूठे अंदाज में पुरानी पेंशन बहाली की मांग को समर्थन दिया। ‘एक मेहंदी OPS के नाम’ अभियान के तहत महिलाओं ने अपने हाथों में OPS के नाम की मेहंदी रचाकर कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य और बुढ़ापे में सम्मानजनक जीवन की मांग को बुलंद किया।
इस अनूठी पहल के माध्यम से महिलाओं ने संदेश दिया कि पुरानी पेंशन बहाली केवल सरकारी कर्मचारियों का मुद्दा नहीं, बल्कि उनके परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। कर्मचारियों की वर्षों की सेवाओं के बाद सेवानिवृत्ति का जीवन सुरक्षित और सम्मानजनक होना चाहिए।
मातृशक्ति की भागीदारी से आंदोलन को मिलेगी मजबूती
मोर्चा की प्रदेश महिला अध्यक्षा रनीता विश्वकर्मा ने कहा कि ‘एक मेहंदी OPS के नाम’ अभियान के माध्यम से मातृशक्ति ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग के प्रति अपनी एकजुटता और प्रतिबद्धता जाहिर की है। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से यह मुद्दा अब परिवारों और समाज के बीच भी मजबूती से पहुंच रहा है।
प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष महिला डॉ. नीतू कार्की ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली कर्मचारियों के बुढ़ापे की आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन के लिए बेहद जरूरी है। यह अभियान सामाजिक सरोकारों को आंदोलन से जोड़ने की एक सार्थक पहल है।
गढ़वाल मंडल अध्यक्षा रश्मि गौड़ ने कहा कि OPS के नाम की मेहंदी रचाकर महिलाओं ने अपने परिवारों के भविष्य के प्रति चिंता और जिम्मेदारी का परिचय दिया है। वहीं, कुमाऊं मंडल अध्यक्षा सुधा पांडे ने कहा कि प्रदेशभर की महिलाओं का बढ़ता समर्थन पुरानी पेंशन बहाली की मुहिम को नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है।
प्रदेशभर की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
अभियान में ममता पाटिल, भारती जुयाल, सीमा भंडारी, ममता सेजवाल, बिना धामी, चंद्रकला, कुसुम कंडारी, भारती रावत, रीमा पवार, ज्योति, गीता नेगी, मंदाकिनी, अंजलि, सुधा, रीना पेंट, मीरा रावत, सुषमा, कुसुम बिष्ट, हिंदू लक्ष्मी, लक्ष्मी, सोनिया, अनीता, विनीता, निधि, अलका, किरण, शकुंतला रावत, चंदा, संगीता, पुष्पा, ममता शाह, शालिनी आर्या, लवी जोशी, गीता भाकुनी, किरन वर्मा, आशा जोशी, रजनी बिष्ट, ज्योति असवाल, गीता तिवारी, शालिनी रावल, पूनम आर्य, गीता उपाध्याय, हंसी शाह, सरिता मेहर, मंजू नेगी, चंद्रिका प्रभात खर्कवाल, मंजू अस्वल, निर्मला राणा, मधु पाल, रुचि नेगी, पूजा, पूजा वर्मा, निशा आर्य, कमलेश नेगी, मधु, प्रीति रावत, अंजना बिष्ट, पुष्पा रावत, वंदना, सरिता, सौम्या, कविता, दमयंती एवं काव्यांजलि सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने सहभागिता की।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मातृशक्ति को दी बधाई
राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी. पी. सिंह रावत ने इस रचनात्मक पहल के लिए प्रदेशभर की मातृशक्ति को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ‘एक मेहंदी OPS के नाम’ जैसे कार्यक्रम पुरानी पेंशन बहाली की मांग को जन-जन तक पहुंचाने और कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने अभियान में शामिल सभी महिलाओं के उत्साह, समर्पण और सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि मातृशक्ति की यह एकजुटता आंदोलन को नई ताकत प्रदान करेगी।
2 नवंबर को महारैली, मुख्यमंत्री आवास कूच का ऐलान
मोर्चा ने प्रदेश के समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों एवं कार्मिकों से 2 नवंबर 2026 को प्रस्तावित महारैली एवं मुख्यमंत्री आवास कूच में अधिकाधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग को सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए सभी कर्मचारियों की एकजुटता बेहद जरूरी है। मातृशक्ति, युवा कार्मिकों और विभिन्न कर्मचारी संगठनों से भी अपने साथियों को महारैली में शामिल होने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया है।
मोर्चा ने सभी कार्मिकों से 2 नवंबर को अपनी एकता, अधिकारों और सुरक्षित भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने के लिए अधिकाधिक संख्या में पहुंचने की अपील की।
अंत में मोर्चा ने अभियान में सहभागी बनी समस्त मातृशक्ति का आभार व्यक्त करते हुए पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लोकतांत्रिक एवं संगठित तरीके से निरंतर उठाने का संकल्प दोहराया।
मोर्चा का संकल्प है—‘पुरानी पेंशन ही हमारा मिशन’।

