
रुद्रपुर – राज्य कर मुख्यालय, देहरादून द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रवर्तन इकाइयों के लक्ष्यों का निर्धारण किए जाने के बाद प्रदेशभर में कर चोरी के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू कर दिया गया है। माल एवं सेवा कर अधिनियम-2017 की धारा 129 और 130 के अंतर्गत ज़ब्ती के पश्चात वसूले जाने वाले अर्थदंड, शास्ति और दंड के स्पष्ट लक्ष्य तय किए गए हैं।
विभाग की सचल (मोबाइल) इकाइयां सक्रिय हो गई हैं और प्रदेश की सीमाओं में प्रवेश करने वाले वाहनों की सघन जांच की जा रही है। हर वाहन की बारीकी से निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की कर चोरी को रोका जा सके। विशेष रूप से बरेली, गाजियाबाद और दिल्ली से संचालित ट्रांसपोर्ट कंपनियां विभाग के रडार पर हैं।
अभियान के शुरुआती चरण में ही कई मामलों में कार्रवाई सामने आई है। रुद्रपुर इकाई द्वारा 9 परचून (किराना) वाहनों का भौतिक सत्यापन किया गया, जिसमें एक वाहन में माल घोषित विवरण के अनुरूप नहीं पाया गया। इस पर विभाग ने ₹80,000 का अर्थदंड वसूल किया।
इसी क्रम में किच्छा इकाई ने 6 वाहनों की जांच कर अनियमितताएं पाए जाने पर ₹37,850 का अर्थदंड लगाया। वहीं काशीपुर मोबाइल यूनिट ने 4 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ₹5,51,000 की बड़ी राशि राजकोष में जमा कराई, जो विभाग की सख्ती को दर्शाता है।
रुद्रपुर की विशेष अनुसंधान इकाई भी इस अभियान में अहम भूमिका निभा रही है। यह इकाई सचल दलों के साथ समन्वय स्थापित कर विभिन्न क्षेत्रों में लगातार जांच और कार्रवाई कर रही है। संयुक्त प्रयासों से कर चोरी के मामलों में कमी देखने को मिल रही है और विभाग की पकड़ लगातार मजबूत हो रही है।
विभाग का यह अभियान न केवल राजस्व वृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है, बल्कि करदाताओं को नियमों के पालन के लिए भी प्रेरित कर रहा है। लगातार हो रही कार्रवाई से टैक्स चोरी करने वालों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

