सड़क हादसों में वन्यजीवों की मौत पर चिंता, सुरक्षा उपायों की मांग को लेकर राज्यपाल से गुहार

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लालकुआं – उत्तराखंड के राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजमार्गों तथा वन क्षेत्रों से गुजरने वाली सड़कों पर लगातार बढ़ रही वन्यजीवों की सड़क दुर्घटनाओं को लेकर सामाजिक संस्था ‘जस्टिस फॉर नेचर एंड लाइफ फाउंडेशन ट्रस्ट’ ने गंभीर चिंता व्यक्त की है।

संस्था ने सोमवार को लालकुआं तहसीलदार के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

ज्ञापन में संस्था ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न राजमार्गों और वन क्षेत्रों से होकर गुजरने वाले मार्गों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में वन्यजीव तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आकर अपनी जान गंवा रहे हैं।

यह स्थिति न केवल पर्यावरण संतुलन के लिए खतरा है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण की दिशा में गंभीर चुनौती भी है। संस्था का आरोप है कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए धरातल पर पर्याप्त और प्रभावी व्यवस्थाएं नजर नहीं आ रही हैं।

संस्था ने दुर्घटनाओं के बढ़ते मामलों के पीछे कई प्रमुख कारण गिनाए हैं। इनमें वन क्षेत्रों से गुजरने वाली सड़कों पर चेतावनी संकेतकों और साइनबोर्डों की कमी, वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था का अभाव तथा वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन के लिए पर्याप्त वाइल्डलाइफ क्रॉसिंग और कॉरिडोर न होना प्रमुख हैं।

ज्ञापन के माध्यम से फाउंडेशन ने राज्य सरकार एवं वन विभाग से मांग की है कि वन क्षेत्रों से गुजरने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर वन्यजीव सुरक्षा के लिए विशेष कार्ययोजना लागू की जाए। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में वाहनों की गति सीमा का कड़ाई से पालन कराया जाए तथा संवेदनशील स्थानों पर वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन के लिए अंडरपास, ओवरपास और विशेष क्रॉसिंग कॉरिडोर विकसित किए जाएं।

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इसके अलावा संस्था ने चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर और स्पीड मॉनिटरिंग राडार जैसे आधुनिक उपकरणों की स्थापना, सड़क हादसों में मारे जाने वाले वन्यजीवों के आंकड़ों का नियमित संकलन एवं सार्वजनिक निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई। साथ ही वन विभाग, परिवहन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित कर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए संयुक्त विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया गया।

ज्ञापन में फाउंडेशन ने महामहिम राज्यपाल से इस गंभीर विषय पर तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है, ताकि समय रहते बेजुबान वन्यजीवों के जीवन की रक्षा की जा सके और प्रदेश का पर्यावरणीय संतुलन सुरक्षित बना रहे।

ज्ञापन सौंपने के दौरान फाउंडेशन के अध्यक्ष दीपक सैनी, सचिव सईद अहमद, नरेश चौधरी, भुवन बिष्ट, मनोज दिवाकर, भुवन रूवाली सहित संस्था के अन्य सदस्य एवं स्थानीय पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे।


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