
रुद्रपुर – किसानों के लिए सरकार द्वारा अनुदान पर उपलब्ध कराई जा रही नीम कोटेड यूरिया की कालाबाजारी रोकने के उद्देश्य से कृषि विभाग एवं प्रशासन की संयुक्त टीम ने सिडकुल स्थित प्लाईवुड फैक्ट्रियों में औचक निरीक्षण अभियान चलाया।
मुख्य कृषि अधिकारी ऊधम सिंह नगर डॉ. विकेश कुमार सिंह यादव ने बताया कि उपजिलाधिकारी रुद्रपुर एवं सिडकुल महाप्रबंधक मनीष सिंह बिष्ट के साथ संयुक्त रूप से प्लाईवुड फैक्ट्रियों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान फैक्ट्रियों में मौजूद स्टॉक का सत्यापन करने के साथ-साथ टेक्निकल ग्रेड यूरिया की खरीद और भंडारण अभिलेखों का भी मिलान किया गया।
निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसानों के लिए भारत सरकार द्वारा अनुदान पर उपलब्ध कराई जा रही नीम कोटेड यूरिया का उपयोग यदि किसी औद्योगिक इकाई में पाया गया तो संबंधित के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य कृषि अधिकारी ने बताया कि किसानों की कृषि उपज बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा 45 किलोग्राम नीम कोटेड यूरिया का एक बैग मात्र 266.50 रुपये में उपलब्ध कराया जाता है, जबकि औद्योगिक इकाइयों में उपयोग होने वाली गैर-अनुदानित टेक्निकल ग्रेड यूरिया का 50 किलोग्राम बैग बाजार में लगभग 3500 रुपये में उपलब्ध है।
उन्होंने जनपद के किसानों से अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं भी अनुदानित यूरिया का उपयोग किसी औद्योगिक इकाई में होते दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग अथवा स्थानीय पुलिस को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जा सके।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों से किसी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेंगे।
